नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के हैंडबुक ऑफ स्टैटिस्टिक्स ऑन इंडियन स्टेट्स में भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की आर्थिक स्थिति की ताज़ा तस्वीर सामने आ गई है। इस रिपोर्ट में राज्यों को उनके ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के आधार पर रैंक किया गया है, जिसे मौजूदा कीमतों पर मापा गया है।
डेटा साफ तौर पर दिखाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां किन राज्यों में सबसे ज्यादा केंद्रित हैं और किन इलाकों में विकास की रफ्तार अभी भी धीमी है।
महाराष्ट्र फिर बना देश की सबसे बड़ी स्टेट इकोनॉमी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र एक बार फिर भारत की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। राज्य का GSDP 45.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो देश के कुल आर्थिक आउटपुट में बड़ा योगदान दर्शाता है।
दूसरे और तीसरे स्थान पर दक्षिण और उत्तर भारत के बड़े राज्य मौजूद हैं, जिससे यह साफ होता है कि औद्योगिक, सर्विस और कृषि गतिविधियों का संतुलन ही मजबूत इकोनॉमी की कुंजी है।
भारत के टॉप 10 अमीर राज्य / केंद्र शासित प्रदेश (GSDP के आधार पर)
महाराष्ट्र – ₹45.32 लाख करोड़
तमिलनाडु – ₹31.19 लाख करोड़
उत्तर प्रदेश – ₹29.78 लाख करोड़
कर्नाटक – ₹28.84 लाख करोड़
पश्चिम बंगाल – ₹18.15 लाख करोड़
राजस्थान – ₹17.04 लाख करोड़
तेलंगाना – ₹16.41 लाख करोड़
आंध्र प्रदेश – ₹15.93 लाख करोड़
मध्य प्रदेश – ₹15.03 लाख करोड़
दिल्ली – ₹12.15 लाख करोड़
अरुणाचल प्रदेश सबसे नीचे
रिपोर्ट के दूसरे छोर पर देश के कुछ ऐसे राज्य हैं, जहां आर्थिक गतिविधियां सीमित हैं। इनमें भौगोलिक स्थिति, कम आबादी और औद्योगिक ढांचे की कमी बड़ी वजह मानी जाती है। सबसे कम GSDP के मामले में अरुणाचल प्रदेश आखिरी पायदान पर है।
सबसे कम GSDP वाले 10 राज्य (नीचे से ऊपर)
अरुणाचल प्रदेश – ₹4,423 करोड़
त्रिपुरा – ₹8,968 करोड़
हिमाचल प्रदेश – ₹23,169 करोड़
जम्मू और कश्मीर – ₹26,246 करोड़
उत्तराखंड – ₹37,824 करोड़
झारखंड – ₹51,626 करोड़
छत्तीसगढ़ – ₹56,788 करोड़
असम – ₹64,367 करोड़
पंजाब – ₹83,864 करोड़
ओडिशा – ₹89,004 करोड़
ये आंकड़े सिर्फ अमीरी-गरीबी नहीं बताते, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि कहां निवेश और उद्योग ज्यादा हैं। किन राज्यों में रोजगार के अवसर अधिक बन रहे हैं। किन इलाकों में बुनियादी ढांचे और नीति सुधारों की जरूरत है।














