
धनबाद: झारखंड के धनबाद में मंगलवार सुबह भू-धंसान की भीषण घटना से हड़कंप मच गया। कतरास-जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ कोलियरी इलाके के मोदीडीह भुइंटा पट्टी में अचानक जमीन धंसने से देखते ही देखते करीब पांच-छह मकान इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच लोग घायल हो गए। इनमें 10 वर्षीय एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बाकी घायलों का इलाज कतरास के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। जमीन में लगातार बढ़ती दरारों और किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए आसपास के दर्जनों परिवार अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंगलवार सुबह सिजुआ काली मंदिर के पास अचानक जमीन धंसने लगी। कुछ ही देर में आसपास की जमीन पर गहरी और चौड़ी दरारें पड़ गईं। देखते ही देखते कई मकान इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए।
जमीन धंसने की आवाज और मकानों के क्षतिग्रस्त होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घरों में मौजूद लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चों समेत पांच लोग घायल हुए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय बच्चे (विक्रम कुमार भुइयां) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं मृत बच्चे की मां सहित परिवार के अन्य तीन सदस्यों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
भू-धंसान के बाद इलाके में लगातार खतरे की स्थिति बनी हुई है। जमीन पर बढ़ती दरारों को देखकर स्थानीय लोगों को आशंका है कि धंसान का दायरा और बढ़ सकता है। इसी डर से आसपास रहने वाले दर्जनों परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। लोगों का कहना है कि यदि जमीन का धंसना जारी रहा तो आसपास के कई और मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-सिजुआ मुख्य मार्ग को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से भू-धंसान की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावित लोगों की सुरक्षा और स्थायी पुनर्वास के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत-बचाव कार्य तेज करने, उचित मुआवजा देने और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और यदि किसी की लापरवाही या अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भू-धंसान के लिए बीसीसीएल क्षेत्र में कथित अवैध कोयला खनन और भूमिगत गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, भू-धंसान की घटना के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।





