
जमशेदपुर: उलीडीह ओपी क्षेत्र के एनएच-33 स्थित डिमना चौक के पास नो पार्किंग में खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रविवार को जमकर हंगामा हो गया। ट्रक और हाईवा पर चालान काटने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोप है कि नाराज ट्रक और हाईवा चालकों ने यातायात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और उन्हें सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घटना में एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है।

नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर चल रही थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, यातायात पुलिस की टीम डिमना चौक के पास सड़क किनारे नो पार्किंग में खड़े ट्रक और हाईवा समेत अन्य भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। पुलिसकर्मी वाहनों पर चालान चिपका रहे थे। इसी दौरान एक हाईवा चालक ने चालान काटे जाने का विरोध कर दिया।
चालक और पुलिसकर्मियों के बीच बहस शुरू हुई। कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर मौजूद अन्य वाहन चालक भी विवाद में शामिल हो गए।
चालक ने फोन कर साथियों को बुलाया
रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद के दौरान हाईवा चालक ने फोन कर अपने कुछ परिचित चालकों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में कई चालक वहां पहुंच गए और यातायात पुलिसकर्मियों से उलझने लगे।
आरोप है कि इसके बाद चालकों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए सड़क पर भागने लगे, जबकि कुछ चालक उनका पीछा करते रहे। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी सड़क पर गिर गया और उसे चोट लग गई। पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ने का प्रयास किए जाने का भी आरोप है।
डिमना चौक जैसे व्यस्त इलाके में पुलिसकर्मियों और भारी वाहन चालकों के बीच हुए विवाद के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है।
हालांकि खबर लिखे जाने तक उलीडीह थाना में घटना को लेकर अब तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। ऐसे में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से आरोपियों या घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।
नो पार्किंग में भारी वाहनों को लेकर पहले भी कार्रवाई
डिमना चौक और एनएच-33 के आसपास सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े रहने को लेकर पहले भी यातायात पुलिस अभियान चला चुकी है। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित होने और दुर्घटना का खतरा बढ़ने की बात सामने आती रही है। 2024 में भी पारडीह चौक से डिमना चौक तक सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों पर नो पार्किंग के तहत कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक शिकायत के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।





