पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके साथ एनडीए के अन्य उम्मीदवारों में नीतिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने भी नामांकन किया।
नामांकन दाखिल करने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि राज्यसभा के लिए नामांकन के साथ ही बिहार की सत्ता में संभावित बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
10 अप्रैल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे नीतीश
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार फिलहाल 10 अप्रैल 2026 तक बिहार के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। दरअसल, राज्यसभा का वर्तमान कार्यकाल 10 अप्रैल तक ही है और इसके बाद ही नए सदस्यों का कार्यकाल शुरू होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि उच्च सदन की सदस्यता मिलने तक वह मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा पहुंचने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की घोषणा की जा सकती है। हालांकि अभी तक इस बात पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है कि राज्य की कमान किस नेता को सौंपी जाएगी।
जदयू नेतृत्व को लेकर भी अटकलें
मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चा के साथ ही जनता दल (यू) के नेतृत्व को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी के भीतर नए नेतृत्व को लेकर मंथन जारी है। कुछ राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि पार्टी की कमान उनके परिवार के किसी सदस्य, विशेषकर उनके बेटे को भी सौंपी जा सकती है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
एक्स पोस्ट में जताया आभार
नामांकन दाखिल करने से पहले नीतीश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक पोस्ट भी साझा की। उन्होंने बिहार की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, ‘पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है। संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।’














