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नई दिल्ली: सावन के तीसरे सोमवार को देश के कई प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन कई जगहों पर हुए हादसों ने इस पवित्र दिन को मातम में बदल दिया।
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में भगदड़ मचने से सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हो गए। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास एक पांच मंजिला होटल में आग लगने से दो बच्चों समेत आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर में भी अफरातफरी की स्थिति बनी, जिसमें 13 श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों में नदी में स्नान के दौरान कई लोगों के बहने की घटनाएं सामने आईं। उत्तर प्रदेश में भी कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा में पांच कांवड़ियों के डूबने की खबर ने श्रद्धालुओं को झकझोर दिया।
अशोकधाम में भगदड़, सात महिलाओं की मौत
लखीसराय जिले के प्रसिद्ध श्रीइंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर अशोकधाम में सोमवार तड़के श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसा दक्षिणी द्वार से अशोकधाम स्टेशन जाने वाले रास्ते के बीच हुआ।
बताया गया कि सुबह करीब पौने पांच बजे मोकामा-बैद्यनाथधाम मेला स्पेशल ट्रेन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अशोकधाम स्टेशन पर उतरे। इसके बाद सभी मंदिर के दक्षिणी द्वार की ओर बढ़ने लगे। अचानक रास्ते में भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया। इसी दौरान एक जर्जर बिजली का पोल भीड़ के दबाव में गिर गया। पोल से निकली चिंगारी को देखकर वहां करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच अफरातफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।
भगदड़ में कई महिलाएं भीड़ के नीचे दब गईं। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में लखीसराय के साथ-साथ मुंगेर और पटना जिले की महिलाएं भी शामिल हैं।
मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया।
तारापीठ में होटल बना आग का गोला, 8 की मौत
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से भी दर्दनाक खबर सामने आई। सावन के तीसरे सोमवार को पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु तारापीठ पहुंचे थे। इनमें से कई श्रद्धालु मंदिर के आसपास स्थित होटलों में ठहरे हुए थे। सोमवार तड़के करीब साढ़े चार बजे तारापीठ मंदिर के पास स्थित पांच मंजिला होटल बिदेशिनी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और होटल में ठहरे लोगों के बीच अफरातफरी मच गई।
हादसे में दो बच्चों समेत आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और पांच पुरुष भी शामिल हैं। बताया गया कि मृतकों में मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल थे। प्रशासन के अनुसार, करीब 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग और धुएं के कारण कई लोग झुलसे और कई की तबीयत बिगड़ गई।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने होटल मालिक कल्याण पाल को गिरफ्तार कर लिया है। होटल में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा इंतजामों की भी जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीरभूम में हुए भीषण अग्निकांड में लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हादसे से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में भी अफरातफरी
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भी सावन सोमवार के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतार लगी थी। इसी बीच हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास श्रद्धालुओं के बीच अफरातफरी की स्थिति बनने की बात सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बैरिकेडिंग में करंट फैलने की अफवाह के बाद लोग घबरा गए और भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान कई श्रद्धालु गिर गए और कुछ बैरिकेडिंग से टकराकर घायल हुए। कुल 13 घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
हालांकि, उज्जैन जिला प्रशासन ने बैरिकेडिंग में करंट आने और भगदड़ जैसी स्थिति बनने से इनकार किया है।
बिहार में चार जगह नदी में बहने की घटनाएं
अशोकधाम हादसे के बीच बिहार के अलग-अलग जिलों से भी नदी में लोगों के बहने की घटनाएं सामने आईं। सावन के तीसरे सोमवार को बख्तियारपुर, कटिहार, मुजफ्फरपुर और मधुबनी में नदी में स्नान के दौरान कुल 18 लोगों के बहने की सूचना मिली। इन घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग लापता बताए गए। उनकी तलाश के लिए स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने अभियान चलाया। वहीं आठ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
यूपी में पांच कांवड़िये गंगा में डूबे
उत्तर प्रदेश में भी सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान अलग-अलग हादसों ने परिवारों की खुशियां छीन लीं। गंगा स्नान के दौरान पांच कांवड़ियों के डूबने की खबर सामने आई। शाहजहांपुर के चार कांवड़िये फर्रुखाबाद में गंगा स्नान के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गए। वहीं कासगंज के लहरा गंगा घाट पर स्नान करने के दौरान एक कांवड़िये की डूबने से मौत हो गई।







