झारखंड

देश की राजधानी दिल्ली में मचा हड़कंप! 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, स्कूलों में छुट्टी, जांच में जुटी पुलिस

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में मची हड़कंप! ईमेल के जरिए 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जिसे अपरा तफरी का माहौल कायम हो गया। आनंद भानु आनंद में स्कूलों की छुट्टी कर दी। बता दे इसके पहले भी कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटिश स्कूल, सलवान स्कूल, माडर्न स्कूल, कैंब्रिज स्कूल, DAV स्कूल, DPS और GD गोयनका समेत कई स्कूलों को यह धमकी मिली है. दिल्ली अग्निशमन विभाग को सुबह करीब 7 बजे इस घटना की जानकारी दी गई.प्राप्त जानकारी के अनुसार धमकी भरे मेल के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्रों को घर वापस भेज दिया है, जबकि पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों स्कूलों में जांच चल रही है और अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है.

पहले भी मिल चुकी है धमकी

यह ताजा घटना एक महीने से भी अधिक समय बाद हुई है, जब दिल्ली के दो और हैदराबाद के एक स्कूल सहित देश भर के कई सीआरपीएफ स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली थी. तमिलनाडु के एक सीआरपीएफ स्कूल को 21 अक्टूबर की रात को सबसे पहले धमकी मिली थी, जिसके बाद देश के सभी संबद्ध स्कूलों को अलर्ट भेजा गया था. हालांकि, यह धमकी एक धोखा साबित हुई.20 अक्टूबर को, दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक सीआरपीएफ स्कूल की दीवार में एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ, जिससे आस-पास की दुकानें और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और इमारत की दीवार में भी छेद हो गया. इसके परिणामस्वरूप किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं आई.एक खालिस्तानी समर्थक समूह ने टेलीग्राम पर विस्फोट की जिम्मेदारी ली, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया ऐप से संपर्क किया और उस चैनल के बारे में जानकारी मांगी, जहां से पोस्ट की शुरुआत हुई थी. हाल के महीनों में, कई भारतीय एयरलाइनों, होटलों, ट्रेन स्टेशनों को बम की धमकियां मिली हैं, जो सभी झूठी साबित हुई हैं.

संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि एयरलाइनों को मिलने वाली झूठी धमकियों की संख्या 2023 में 122 से बढ़कर 2024 में 994 हो गई है, जो 714.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है.

अकेले अक्टूबर में, एयरलाइनों को 666 बम धमकियों वाली कॉल मिलीं, जो इस साल सबसे ज़्यादा है, इसके बाद जून में 122 धमकियां मिलीं. इसके विपरीत, सितंबर और अक्टूबर 2023 में केवल 15 धमकियों वाली कॉल दर्ज की गईं, जो पिछले साल सबसे ज़्यादा थीं.

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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