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रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। राजधानी रांची में पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की है। 14 अगस्त को लिखे गए पत्र में राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से स्वयं छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने का आग्रह किया है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि युवाओं की आवाज सुनी जानी चाहिए और सरकार को उनकी शिकायतों के समाधान की दिशा में गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि संविधान नागरिकों को अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार देता है।
छात्रों की मांगों का कांग्रेस ने किया समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने इन आंदोलनों को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने केंद्र की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आरएसएस और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।
पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकाला जाना चाहिए।
सरकार की बातचीत की पहल की सराहना
राहुल गांधी ने झारखंड सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत शुरू किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गठित कमेटी के माध्यम से छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई है और कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है।
हालांकि, इसके बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। कुछ प्रदर्शनकारी छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। ऐसे में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से व्यक्तिगत तौर पर छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री की मुलाकात से समाधान की उम्मीद
राहुल गांधी का कहना है कि मुख्यमंत्री की सीधी बातचीत से छात्रों की शेष चिंताओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इससे सरकार की ओर से उनकी मांगों को गंभीरता से लेने का संदेश भी जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत और सकारात्मक पहल के जरिए आंदोलन का समाधान निकाला जा सकता है।
राहुल गांधी के पत्र पर बीजेपी का पलटवार
राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आंदोलनकारी छात्रों की समस्याएं सुनने की अपील किए जाने के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी के पत्र को लेकर सवाल खड़े करते हुए इसे एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को निर्देश देने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पत्र देखने में अनुरोध जैसा है, लेकिन इसका लहजा एक चुने हुए मुख्यमंत्री को निर्देश देने वाला अधिक प्रतीत होता है।
मालवीय ने सवाल किया कि अगर राहुल गांधी वास्तव में छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं तो उन्होंने खुद रांची जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे मुलाकात क्यों नहीं की। उन्होंने यह भी पूछा कि परीक्षा और छात्रों से जुड़ी शिकायतों को लेकर राहुल गांधी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को इसी तरह पत्र क्यों नहीं लिखा।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर चयनात्मक तरीके से राजनीतिक हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पत्र के बहाने हेमंत सोरेन सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
मालवीय ने झारखंड सरकार पर छात्रों की कथित जायज मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और इसे ‘अकल्पनीय बर्बरता’ करार दिया।
बीजेपी नेता ने कहा कि राज्य सरकार को छात्रों की शिकायतों का समाधान गंभीरता से करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ छात्रों की समस्याओं का समाधान करे और ऐसा भरोसेमंद रास्ता निकाले, जिससे आंदोलन का स्थायी समाधान हो सके।
प्रतुल शाहदेव ने साधा राहुल और हेमंत पर निशाना
वहीं, झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दोनों नेताओं को ‘लेटर-लेटर खेलना’ बंद करना चाहिए और छात्रों के मुद्दे पर सीधे कार्रवाई करनी चाहिए।
शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी को प्रयागराज में छात्रों की आवाज सुनाई देती है और वह अपने अगले कार्यक्रम के लिए पुणे जा रहे हैं, लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचने का समय नहीं निकाल रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीएम आवास से धरना स्थल की दूरी महज करीब एक किलोमीटर है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री अब तक प्रदर्शनकारी छात्रों से मिलने वहां नहीं पहुंचे हैं।
बीजेपी की मांग- छात्रों की मांगें मानकर खत्म कराया जाए आंदोलन
प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार से छात्रों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और आंदोलन को जल्द खत्म कराने की मांग की। बीजेपी का कहना है कि छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी शिकायतों का समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि लंबे समय से चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो सके।
दूसरी ओर, रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच 16 अगस्त को प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और बिहार के नेता तेजस्वी यादव के पुतले भी फूंके। इससे साफ है कि छात्रों में सरकार के साथ-साथ राजनीतिक दलों के नेताओं को लेकर भी नाराजगी बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक ऐसा ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे आंदोलन समाप्त किया जा सके।
सरकार ने फिर बातचीत के लिए बुलाया
आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने छात्रों को एक बार फिर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की वार्ता हो चुकी है। अब सभी की नजरें इस नई बातचीत पर टिकी हैं कि क्या दोनों पक्ष किसी ठोस सहमति तक पहुंच पाते हैं या आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
फिलहाल, जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन झारखंड की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। सरकार की नई वार्ता और छात्रों की प्रतिक्रिया के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।






