रांची: कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच जब पूरा शहर अपने-अपने घरों में दुबका हुआ था, उसी समय रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। ठंड से जूझ रहे बेसहारा और जरूरतमंद लोगों की पीड़ा को समझने तथा उन्हें राहत पहुंचाने के उद्देश्य से उपायुक्त स्वयं देर रात सड़कों पर निकले और खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर लोगों के बीच कंबल का वितरण किया।
उपायुक्त श्री भजंत्री कर्बला चौक एवं रांची रेलवे स्टेशन परिसर में स्वयं उपस्थित होकर बेसहारा, वृद्ध, महिलाओं एवं जरूरतमंदों को मुलायम एवं गुणवत्ता-पूर्ण कंबल वितरित करते नजर आए। प्रशासन के इस मानवीय कदम ने ठिठुरती रात में जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण का काम किया।

कंबल पाकर लोगों के चेहरों पर जो सुकून और राहत झलकी, वह इस प्रयास की सार्थकता को स्वयं बयां कर रही थी। कई लोगों की आंखों में संतोष और कृतज्ञता के भाव स्पष्ट दिखाई दिए। गुणवत्ता-पूर्ण कंबल मिलने पर जरूरतमंदों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया।

कई जरूरतमंदों ने कहा कि इस भीषण ठंड में सरकार द्वारा की गई यह सहायता उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए इसे मानवता की सच्ची मिसाल बताया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि “ठंड से बचाव केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि यह एक मानवीय जिम्मेदारी भी है। हमारा प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण पीड़ा न सहे।” उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा ठंड के मौसम में लगातार विभिन्न स्थानों पर कंबल वितरण का कार्य किया जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक भी सरकार की चिंता और संवेदना पहुंचे।
जिला प्रशासन की यह पहल केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार की मानवीय सोच, संवेदनशील दृष्टिकोण और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है। इस प्रकार के प्रयास न केवल जरूरतमंदों को राहत प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों को भी सशक्त बनाते हैं।














