
शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर वीर जवानों को दी गई श्रद्धांजलि,शहीदों के परिजनों से मिलकर CRPF अधिकारियों ने जाना कुशलक्षेम
आकाश लोहार
गढ़वा
देश की सरहदों से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक,जब जब भारत की रक्षा और शांति की बात आई है,तब तब वीर जवानों ने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से राष्ट्र का मान बढ़ाया है,उनकी शहादत केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज एक घटना नहीं,बल्कि हर भारतीय के दिल में जीवित वह प्रेरणा है,जो हमें अपने देश के प्रति कर्तव्य और समर्पण का एहसास कराती है,इन्हीं वीर सपूतों के त्याग,साहस और बलिदान को नमन करने के लिए गढ़वा स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 172वीं बटालियन के मुख्यालय में पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर 172वीं बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार वशिष्ठ ने बटालियन मुख्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की,उन्होंने शहीद जवानों के अदम्य साहस और देश के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए वीर शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेने तथा राष्ट्र की सेवा में सदैव समर्पित रहने का संदेश दिया,उन्होंने जवानों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा,ईमानदारी और साहस के साथ करने के लिए प्रेरित किया,कार्यक्रम ने एक बार फिर इस संकल्प को मजबूत किया कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए जवानों का समर्पण सर्वोपरि है।
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 172वीं बटालियन CRPF के अधिकारियों ने क्षेत्र में रहने वाले शहीद कार्मिकों के परिजनों से मुलाकात की,अधिकारियों ने उनका कुशलक्षेम जाना और उनके प्रति सम्मान एवं श्रद्धा व्यक्त की।
इस दौरान शहीदों के परिवारों के प्रति पूरे CRPF की ओर से कृतज्ञता प्रकट की गई,देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोने वाले इन परिवारों का त्याग भी राष्ट्र के लिए एक बड़ी मिसाल है,जवानों की शहादत के साथ साथ उनके परिवारों के धैर्य,साहस और समर्पण को सम्मान देना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
कार्यक्रम में 172वीं बटालियन CRPF के अन्य अधिकारी एवं जवानों के साथ स्थानीय ग्रामीण भी उपस्थित रहे,सभी ने शहीदों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास वर्ष 1959 से जुड़ा है,21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के साथ हुई मुठभेड़ में CRPF के 10 वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी,उन जवानों का सर्वोच्च बलिदान भारतीय सुरक्षा बलों के इतिहास में साहस,कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल बन गया।
इन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है,इस दिन देश के विभिन्न पुलिस बल और सुरक्षा बल अपने शहीद साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा उनके बलिदान को याद करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।
गढ़वा में आयोजित यह कार्यक्रम भी उन अमर वीरों को समर्पित रहा,जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए,उनकी शहादत हमें याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के पीछे जवानों का साहस,उनका त्याग और उनके परिवारों का अटूट धैर्य खड़ा है,शहीद भले ही हमारे बीच नहीं होते,लेकिन उनका बलिदान,उनके आदर्श और राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण हमेशा देशवासियों के दिलों में जीवित रहता है।




