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जमशेदपुर:मजबूत इरादे और कठिन परिश्रम मोबाइल कवर बेचने वाले रोहित ने नीट 2025 में लहराया परचम

On: June 15, 2025 3:18 AM
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मोबाइल कवर की दुकान संभालने वाले रोहित ने नीट 2025 में मारी बाज़ी, 549 अंक के साथ पाया ऑल इंडिया रैंक 12,484

फिजिक्सवाला की ‘यकीन 2.0’ बैच में की पढ़ाई, रोज़ 14 घंटे लाइब्रेरी में की मेहनत, अलख पांडे ने जमशेदपुर आकर किया सम्मानित

जमशेदपुर:कहते हैं कि मजबूत इरादे और कठिन परिश्रम के आगे हालात भी झुक जाते हैं। उसके आगे आर्थिक स्थिति भी आड़े नहीं आती है।जमशेदपुर के रोहित कुमार ने इसी जज्बे का परिचय देते हुए नीट 2025 में शानदार प्रदर्शन किया है। मोबाइल कवर की दुकान संभालने वाले रोहित ने 549 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 12,484 पाई है। रोहित की मेहनत और संघर्ष को सलाम करने फिजिक्सवाला के संस्थापक और सीईओ अलख पांडे खुद जमशेदपुर पहुंचे और उनका सम्मान किया।

रोहित का परिवार बेहद साधारण है। पिता ठेले पर सब्जी बेचते हैं, मां गृहिणी हैं और भाई के साथ मोबाइल कवर की दुकान चलाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद रोहित ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की और महज 800 रुपये की फीस में 10वीं की परीक्षा पास की। कोरोना काल में मेडिकल स्टोर में काम करते हुए डॉक्टर बनने का सपना देखा।

पहले प्रयास में 485 अंक मिलने के बाद भी रोहित ने हार नहीं मानी। फिजिक्सवाला की ‘यकीन 2.0’ बैच में फ्री में पढ़ाई शुरू की। रोज़ 14 घंटे लोकल लाइब्रेरी में पढ़ाई की। इस दौरान कई मुश्किलें आईं, यहां तक कि परीक्षा के दिन हाथ पर मधुमक्खी ने काट लिया, मगर जज्बा बरकरार रहा।

सम्मान समारोह में अलख पांडे ने कहा, ‘रोहित ने यह साबित कर दिया कि अगर सपने बड़े हों और मेहनत सच्ची, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं। फिजिक्सवाला का मकसद भी ऐसे ही होनहार और जरूरतमंद बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देना है।’

रोहित ने भी इस मौके पर कहा, ‘ये सिर्फ मेरी नहीं, पूरे परिवार की जीत है। अलख सर और भाई का साथ न होता, तो मैं ये मुकाम हासिल नहीं कर पाता।’

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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