जमशेदपुर: बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं सहित संस्थान के सभी कर्मचारियों में आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सेल्फ डिफेंस एसोसिएशन ऑफ़ झारखंड के द्वारा आयोजित किया गया।

जिसका नेतृत्व संस्था के जनरल सेक्रेटरी सुनील कुमार प्रसाद ने अपनी टीम के साथ किया। इस अवसर पर कॉलेज के फैकल्टी मेंबर्स, प्रोफेसर और स्टाफ सहित लगभग 50 लोगों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने आत्मरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण तकनीकों को सीखा और उसका अभ्यास भी किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान हर व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। कई बार अचानक आने वाली परिस्थितियों में यदि व्यक्ति को बुनियादी आत्मरक्षा तकनीकों की जानकारी हो, तो वह स्वयं को सुरक्षित रख सकता है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम में आसान, प्रभावी और व्यवहारिक आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन किया गया और प्रतिभागियों को उनका अभ्यास कराया गया।

इस प्रशिक्षण का संचालन झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर के मुख्य कोच मास्टर सुनील प्रसाद के देखरेख में किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को न केवल शारीरिक तकनीकों के बारे में बताया गया बल्कि मानसिक रूप से सतर्क रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और किसी भी कठिन परिस्थिति में घबराए बिना सही निर्णय लेने के महत्व पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आत्मरक्षा केवल मार्शल आर्ट की तकनीकें सीखना ही नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, जागरूकता और साहस को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने प्रतिभागियों को नियमित अभ्यास करने तथा अपने परिवार और समाज में भी आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रशिक्षण देने वाली झारखंड मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर की टीम को सम्मानित किया गया और उनके प्रयासों की सराहना की गई। वहीं सेल्फ डिफेंस एसोसिएशन ऑफ़ झारखंड (जे.एम.टी.सी) की टीम की ओर से भी कॉलेज प्रशासन को एक स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया गया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल जानकारीपूर्ण रहा, बल्कि इससे प्रतिभागियों में आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं।














