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सरायकेला खरसावां: तीन दोस्त नदी में नहाने उतरे,डूबे,लोगों ने दो को बचाया,एक की तलाश जारी

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सरायकेला खरसावां:आरआईटी थाना क्षेत्र के लंका टोला स्थित छठ घाट में तीन स्कूली दोस्त खरकाई नदी में नहाने के लिए करें तीनों डूबने लगे जिनमें दो को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है।तीसरे की तलाश गोताखोर कल से कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल पाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूरज मिश्रा, ऋषभ राज उर्फ बिट्ट और आयुष उर्फ सूर्यभान सिंह नदी में नहाने के लिए गए थे। तीनों युवक एक साथ पानी में उतरे थे, लेकिन नदी का बहाव तेज था और गहराई का अंदाज़ा नहीं लग सका। देखते ही देखते तीनों लड़के पानी में संघर्ष करने लगे। स्थानीय लोगों की मदद से ऋषभ और आयुष को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन सूरज मिश्रा गहराई में समा गया।घटना की जानकारी मिलते ही आरआईटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया, जिन्होंने देर शाम तक सूरज की तलाश की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस का कहना है कि बुधवार सुबह पुनः खोज अभियान चलाया जाएगा।सूरज मिश्रा की पहचान सेंट मेरिज हिंदी विद्यालय के दसवीं कक्षा के छात्र के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।दूसरी ओर, ऋषभ राज की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पानी में डूबने और घबराहट के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसे समय रहते अस्पताल लाया गया, जिससे उसकी जान बच पाई। आयुष की स्थिति फिलहाल स्थिर है।

जानकारी के अनुसार, सूरज के परिजन इस खबर को सुनते ही घटनास्थल पहुंचे और बेसुध हो गए। माँ का रो-रोकर बुरा हाल था, जबकि पिता सदमे में खड़े-खड़े जमीन पर गिर पड़े।पुलिस निरीक्षक ने जानकारी दी कि यह दुर्घटना दुखद है लेकिन इसमें लापरवाही का बड़ा कारण सुरक्षा की कमी और नाबालिगों द्वारा असुरक्षित स्थान पर तैराकी करना है।इस हादसे से सबक लेते हुए आने वाले दिनों में इस घाट पर सुरक्षा हेतु संकेतक बोर्ड लगाने, लाइफगार्ड की व्यवस्था करने और चेतावनी जारी करने की योजना बनाई जा रही है।यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि बिना सुरक्षा उपायों के नदी जैसे खतरनाक स्थानों पर तैराकी या नहाना जीवन को जोखिम में डाल सकता है।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।