
जमशेदपुर:
पूर्वी सिंहभूम जिले के बिष्टुपुर थाना अंतर्गत दर्ज एक मामले में अनुसंधानक (Investigating Officer) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रार्थी नरेश कुमार ने वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पूर्वी सिंहभूम को सौंपे गए पत्र में बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 67/26 के अनुसंधानक उज्ज्वल पर मामले में लापरवाही बरतने और आरोपियों की गिरफ्तारी न करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कार जबरन छीनने और धमकी का है मामला
सोनारी (पुराना सी.पी. क्लब, मकान नं. 718) के रहने वाले प्रार्थी नरेश कुमार ने बताया है कि उन्होंने आरोपी करनदीप सिंह व अन्य के खिलाफ 04 जून 2026 को बीएनएस की धारा 138, 115, 308, 61 और 127 के तहत बिष्टुपुर थाने में मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि घटना के समय करनदीप सिंह ने उनकी टाटा पंच कार (JH05 DD-9486) जबरन छीन ली थी।
नंबर प्लेट बदलकर चल रही थी छीनी गई गाड़ी
प्रार्थी के अनुसार, 12 सितंबर 2026 को वही छीनी गई कार नंबर प्लेट बदलकर गाढ़ाबासा, गोलमुरी क्षेत्र में चलाई जा रही थी। जब प्रार्थी ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए गाड़ी भगा ली। प्रार्थी ने तुरंत मोबाइल से फोटो खींचकर अनुसंधानक के मोबाइल नंबर (6299163851) पर साक्ष्य साझा किया और थाने में भी इसकी जानकारी दी।
अनुसंधानक की कार्यशैली पर उठे सवाल
नरेश कुमार का आरोप है कि अनुसंधानक उज्ज्वल द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद आरोपी करनदीप सिंह ने अपने लड़के के माध्यम से प्रार्थी को धमकी दिलवाई कि मुकदमा करके अभी तक क्या मिला और ज्यादा पुलिस से मिलोगे तो अभी गाड़ी छीनी गई है, तुम कहाँ गायब हो जाओगे पता भी नहीं चलेगा।
न्याय की गुहार
पीड़ित ने वरीय पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले के अनुसंधानक उज्ज्वल की भूमिका की जाँच कर उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। इस आवेदन की एक प्रति पुलिस महानिरीक्षक (IG), कोल्हान प्रमंडल, चाईबासा को भी सूचनार्थ प्रेषित की गई है।




