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हादसे ने छीनी खुशियां,मुश्किल में परिवार को मिला सहारा
आकाश लोहार
गढ़वा
किसी परिवार पर जब अचानक मुसीबत का पहाड़ टूटता है,तो सबसे बड़ी चिंता अपनों की जिंदगी बचाने और उनके इलाज की व्यवस्था करने की होती है,हादसे में घायल व्यक्ति दर्द से जूझ रहा होता है,तो दूसरी ओर परिवार आर्थिक तंगी और अनिश्चितता के बीच बेबस नजर आता है,ऐसे कठिन वक्त में अगर कोई अनजान बनकर नहीं,बल्कि अपना बनकर मदद के लिए हाथ बढ़ा दे,तो वह मदद महज आर्थिक सहयोग नहीं,बल्कि टूटते हौसले को संबल देने का काम करती है,इंसानियत की ऐसी ही एक संवेदनशील तस्वीर गढ़वा में देखने को मिली,जहां रमना प्रखंड के बहियार गांव निवासी रमेश राम सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए,बताया जाता है कि परसवान गांव के समीप उनकी बाइक का भीषण हादसा हो गया,जिसमें उनके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आईं तथा हड्डियां टूट गईं,हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
रमेश राम की आर्थिक स्थिति पहले से ही काफी दयनीय बताई जा रही है,दुर्घटना के बाद उन्हें तत्काल रमना अस्पताल ले जाया गया,लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया,एक तरफ शरीर पर गंभीर चोटों का दर्द और दूसरी तरफ इलाज की चिंता,ऐसे मुश्किल हालात में परिवार के सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गईं।
इसी बीच जब इस दर्दनाक घटना की जानकारी जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन,गढ़वा की टीम को मिली,तो संस्था के सदस्यों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल मदद के लिए कदम बढ़ाया,टीम बिना देर किए गढ़वा सदर अस्पताल पहुंची और घायल रमेश राम के इलाज की व्यवस्था कराने में सहयोग किया,फाउंडेशन की टीम ने इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं,बल्कि संस्था उनके साथ खड़ी है।
इस मानवीय पहल को लेकर फाउंडेशन के सचिव रितेश कुमार तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल 51 बहन बेटियों का सामूहिक विवाह कराना ही नहीं है,बल्कि समाज के हर उस जरूरतमंद,असहाय और पीड़ित व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करना है,जो किसी परेशानी में मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी सिर्फ आयोजनों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए,जब किसी गरीब परिवार पर संकट आता है,जब कोई व्यक्ति दुर्घटना में घायल होकर जिंदगी और इलाज के बीच संघर्ष करता है,तब उसके साथ खड़ा होना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है,हमारा संकल्प है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति मदद से वंचित न रहे।
महाकाल तिवारी ने भावुक संदेश देते हुए कहा,मानव सेवा ही सच्ची समाज सेवा है,किसी जरूरतमंद के कठिन समय में उसके साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ा धर्म और सबसे बड़ी इंसानियत है,निश्चित रूप से जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की यह पहल समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है,क्योंकि किसी संस्था की पहचान सिर्फ उसके बड़े आयोजनों से नहीं,बल्कि उन कठिन पलों में किए गए कार्यों से भी होती है,जब किसी जरूरतमंद को सबसे ज्यादा सहारे की आवश्यकता होती है,क्योंकि जिंदगी में मदद करने के लिए किसी बड़े अवसर की जरूरत नहीं होती,कभी कभी किसी टूटते हुए परिवार के साथ खड़े हो जाना ही सबसे बड़ी नेकी बन जाता है,रमेश राम के लिए बढ़े ये मदद के हाथ सिर्फ इलाज में सहयोग नहीं,बल्कि मानवता और सामाजिक एकजुटता की एक खूबसूरत मिसाल हैं।




