
आस्था ऐसी कि हर कदम मां के चरणों में समर्पित,भक्ति ऐसी कि जयकारों से गूंज उठा नदी तट
आकाश लोहार
गढ़वा
जब मन में मां दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास हो,हृदय में भक्ति की ज्योति जल रही हो और जुबां पर माता रानी का जयकारा हो,तो हर रास्ता आस्था की राह बन जाता है,शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन गढ़वा शहर के सोनपुरवा स्थित सरस्वतीया नदी तट पर कुछ ऐसा ही भक्तिमय नजारा देखने को मिला,जहां श्रद्धा,विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम नजर आया,मां दुर्गा की आराधना के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और माता रानी के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
रविवार को मां दुर्गा पूजा पंडाल से भव्य कलश यात्रा निकालकर शारदीय नवरात्र पूजा का शुभारंभ किया गया,समाजसेवी मंगलामुखी राधा किन्नर एवं उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया,कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था की चमक और मन में मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा दिखाई दी।
कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब :- कलश यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र मां दुर्गा के जयकारों से गुंजायमान रहा,भक्तिभाव से सराबोर श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए,नदी तट पर आयोजित इस कार्यक्रम में आस्था और उत्साह का ऐसा माहौल बना कि हर ओर माता रानी की भक्ति की छटा बिखरती नजर आई,श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी ने इस आयोजन को खास बना दिया।
विधि विधान से शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना :- भव्य कलश यात्रा संपन्न होने के बाद पूजा पंडाल में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान किए गए,इसके साथ ही मां दुर्गा की आराधना शुरू हो गई,नवरात्र के पहले दिन से ही पूजा पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा,श्रद्धालुओं ने मां के समक्ष शीश झुकाकर सुख,शांति,समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
राधा किन्नर और उनकी टीम की पहल बनी आयोजन का केंद्र :- समाजसेवी मंगलामुखी राधा किन्नर एवं उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली,नवरात्र जैसे पावन पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में धार्मिक उल्लास को और बढ़ा दिया,शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही गढ़वा में जगह जगह मां दुर्गा की आराधना और धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं,अगले नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना कर भक्ति में लीन रहेंगे,मां के जयकारों और पूजा अर्चना के बीच श्रद्धालुओं को उस आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है,जो मन को शांति और जीवन को नई ऊर्जा प्रदान करता है।




