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नामकुम: थाना में कैदी की संदिग्ध मौत के मामले में SSP का बड़ा एक्शन, थानेदार समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

On: March 5, 2026 8:57 PM
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रांची: नामकुम थाना के हाजत में बच्चों के अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी की संदिग्ध मौत के मामले में रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन ने बड़ा एक्शन लेते हुए थानेदार समेत सात पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। जिनमें से पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, दो के खिलाफ डीसी रांची से अनुशासनिक कार्रवाई का आग्रह किया गया है। साथ ही थानेदार के सस्पेंशन की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई गयी है।

बता दें कि वादिनी अंजु देवी के द्वारा नामकुम थाना में दर्ज शिकायत के मुताबिक जगाई मुंडा ने उसके 12 साल के बेटे रमेश को अपहरण कर लिया है। जांच में सामने आया कि अंजु और जगाई मुंडा के बीच पिछले 5-6 साल से प्रेम प्रसंग था। हाल ही में जगाई की पत्नी को इस बात की जानकारी मिली और अंजु ने उससे दूरी बना ली। इस रंजिश में जगाई ने अंजु को धमकी दी और 2 मार्च को उसके बेटे का स्कूल से अपहरण कर लिया।

पुलिस पूछताछ में जगाई ने कबूल किया कि उसने बच्चे को बाइक पर बैठाकर रामगढ़ के मुइयाडीह जंगल ले गया। वहां उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छुपाने के लिए पत्थर से उसका चेहरा कुचल दिया। पुलिस ने जगाई की निशानदेही पर जंगल से रमेश का शव बरामद किया।

गिरफ्तारी के बाद जगाई को नामकुम थाना लाया गया। उसकी सुरक्षा के लिए हाजत के बाहर पांच पुलिसकर्मी तैनात थे। लेकिन देर रात हाजत में उसकी मौत हो गयी। जगाई की बॉडी कंबल की धारी वाले कपड़े के बने फंदे के सहारे लोहे के गेट से लटकी हुई मिली थी। इस घटना के बाद एसएसपी राकेश रंजन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एएसआई प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, गयानंद, सिपाही मुकेश ठाकुर और राहुल प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया। चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो के खिलाफ डीसी रांची से अनुशासनिक कार्रवाई का आग्रह किया गया है। साथ ही, नामकुम थानेदार के निलंबन की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई गई है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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