तरुण कुमार सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक है, विगत 16 वर्षों से भी ज्यादा समय से कई प्रेरक सामाजिक अभियानों के माध्यम से झारखंड के सुदूर गांवों में रहनेवाले बच्चों के बेहतरी के लिए सीमित संसाधनों में भी लगातार काम कर रहे है, माहवारी स्वच्छता, जेंडर समानता, शिक्षा व पर्यावरण से जुड़े जीवट भरे कार्यों के लिए उन्हें विशेष रूप से जाना जाता है। केरूआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हु मुर्मू, पूर्वी सिंहभूम मुखिया संघ के अध्यक्ष है। कान्हु मुर्मू के कुशल सामुदायिक नेतृत्व, दूरदृष्टी, बेहतर जनसंपर्क व अथक परिश्रम से आदिवासी बहुल पंचायत तेजी से आदर्श पंचायत के रूप में उभर रहा है, जो अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है। कान्हु ग्राम सभा को मजबूत बनाने हेतु पेसा क़ानून के प्रशिक्षक के रूप में भी कोल्हान स्तर पर सेवाएं दे रहे है।अलंकार अवार्ड से एकसाथ सम्मानित तरुण कुमार और कान्हु मुर्मू दोनों ही वर्षों से गांवों के विकास के लिए बेहद प्रेरक कार्य कर रहे है। वही दोनों के व्यक्तित्व में एक समानता यह भी है कि दोनों ने आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाले सरकारी नौकरी करने की जगह स्वेच्छा से समाज निर्माण की चुनौतीयों भरी स्वतंत्र कठिन राह चुनी।
मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।