
जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के शिक्षकेतर कर्मचारी संघ की एक अहम बैठक बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सिदगोड़ा स्थित स्वर्णरेखा ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। संघ के अध्यक्ष गंगाधर नाग की अध्यक्षता और सचिव सीमा तिर्की की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कर्मचारियों के आत्मसम्मान, वोकेशनल कर्मियों के समायोजन, वित्तीय पारदर्शिता और आउटसोर्सिंग कर्मियों पर कथित प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया गया।
हक मांगने पर डराना-धमकाना बर्दाश्त नहीं: संघ
बैठक में हाल ही में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों द्वारा समय पर वेतन और देय बोनस की मांग उठाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कथित रूप से बनाए जा रहे दबाव और भय के माहौल पर गहरी चिंता जताई गई।
संघ ने कड़े शब्दों में कहा:
“अनुशासन का अर्थ भय नहीं होता, प्रशासनिक अधिकार का अर्थ मनमानी नहीं होता और कर्मचारी होने का अर्थ अपना आत्मसम्मान तथा अपनी आवाज खो देना नहीं होता।”
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर वेतन और नियमों के तहत मिलने वाली सुविधाएं मांगना किसी भी सूरत में अनुशासनहीनता नहीं है। संघ का उद्देश्य प्रशासन से टकराव मोल लेना नहीं, बल्कि संस्थान में भयमुक्त, पारदर्शी और नियमसम्मत कार्य संस्कृति बहाल करना है।
वोकेशनल कर्मचारियों को मिली सदस्यता, तपन कुमार बने प्रतिनिधि
बैठक में सर्वसम्मति से बड़ा फैसला लेते हुए वोकेशनल कर्मचारियों को शिक्षकेतर कर्मचारी संघ में शामिल करने की मंजूरी दी गई।
इनके लिए ₹100 मासिक सदस्यता शुल्क तय किया गया है।
वोकेशनल कर्मचारियों के प्रतिनिधि के तौर पर श्री तपन कुमार मोदक को चुना गया।
संघ ने कहा कि कार्य व्यवस्था और सेवा शर्तों में भिन्नता के बावजूद हर कर्मी के श्रम और गरिमा का महत्व समान है।
बैंक खाता बदलने और डिजिटल भुगतान का फैसला
विश्वविद्यालय द्वारा वेतन से संघ शुल्क की कटौती बंद किए जाने के बाद उत्पन्न व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए वित्तीय ढांचे में बदलाव का निर्णय लिया गया।
अब वर्तमान सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते की जगह बैंक ऑफ बड़ौदा में नया खाता खोला जाएगा।
खाता संचालन में नाम सुधार और पारदर्शिता लाने के साथ-साथ सदस्यों को QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
नई व्यवस्था लागू होने तक सदस्य सीधे कोषाध्यक्ष के पास शुल्क जमा करेंगे।
राज्यस्तरीय महासंघ से जुड़ाव को बताया ऐतिहासिक
झारखंड विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ से हुए जुड़ाव की जानकारी सदस्यों को दी गई। संघ ने इसे कर्मचारी हितों की रक्षा में मील का पत्थर बताया, जिससे नीतिगत, वेतन, पदोन्नति और सेवा सुरक्षा से जुड़े मामलों को अब राज्य स्तर पर मजबूती से उठाया जा सकेगा।
प्रमुख लोग रहे उपस्थित
बैठक में संघ के संरक्षक विश्वम्भर यादव ने अपनी शुभकामनाएं भेजीं। इस दौरान उपाध्यक्ष चैतन्य शिरोमणि, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी जाल, संयुक्त सचिव अशोक भट्टाचार्य व शंकर दास, मनीष दास, रामबालक भगत, नारायण नाग, तुलसी बाग, सुजाता मुखी सहित बड़ी संख्या में शिक्षकेतर और वोकेशनल कर्मी मौजूद रहे।




