
कोलकाता:महासप्तमी की वह शाम जब महानगर मां दुर्गा की आराधना के सुरों में डूबा हुआ था, अचानक चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति का पंडाल चीख-पुकार और अफरा-तफरी का केंद्र बन गया। ‘बियॉन्ड साउंड’ यानी ‘अरवा’ की अनूठी थीम पर सजे इस भव्य मंडप में कला का आकर्षण कुछ ही पलों में खौफनाक मंजर में तब्दील हो गया। तेज बारिश से बचने की होड़, संकरा ‘360 डिग्री’ निकास गलियारा और ऊपर से स्ट्रक्चर गिरने की अफवाह—इन तीनों के घालमेल ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि दर्शनार्थी जान बचाने के लिए एक-दूसरे पर गिरते चले गए।
घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश से बचने के लिए बाहर खड़े लोग तेजी से भीतर घुसने लगे, जबकि अंदर पहले से ही तिल रखने की जगह नहीं थी। इसी आपाधापी के बीच पंडाल के एक हिस्से के ढहने की आवाज आई और क्षण भर में भगदड़ मच गई। शुरुआती दावों के अनुसार, हादसे में 17 लोगों की जान जाने और करीब 35 लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है, हालांकि आयोजक मंडल हताहतों की संख्या महज 4-5 तक सीमित बता रहा है।
360 डिग्री का संकरा गलियारा बना फंदा, फूटा जनता का गुस्सा
पंडाल के भीतर से बाहर निकलने के लिए बनाया गया ऊंचा गोलाकार कॉरिडोर इस भीड़ को संभाल नहीं सका। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का गुस्सा अब आयोजकों और प्रशासन पर फूट रहा है। लोगों का सीधा आरोप है कि पूजा समिति ने सारी चौकसी सिर्फ वीआईपी और मेहमानों तक सीमित कर रखी थी, जबकि आम जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।
एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश जताते हुए कहा, “मौके पर पुलिस की गाड़ी खड़ी तमाशा देखती रही, न तो वक्त पर कोई एंबुलेंस थी और न ही कमेटी का कोई जिम्मेदार नुमाइंदा। अगर आसपास खड़ी निजी गाड़ियों को पहले न हटाया गया होता, तो स्थानीय लोग तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाकर कई जानें बचा सकते थे।”
अस्पताल पहुंचे नेता, सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे के तुरंत बाद कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने अस्पताल पहुंचकर घायलों की सुध ली और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
सियासी और प्रशासनिक हलकों में भी इस त्रासदी की गूंज सुनाई दी:
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि इस दर्दनाक घटना से वह बेहद व्यथित हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हैं।
राज्यपाल रवि ने हताहतों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने आपातकालीन टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किया है, ताकि परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी हासिल कर सकें।
उत्सव की चकाचौंध के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने एक बार फिर महानगर के पूजा आयोजनों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटा है कि क्या मंडप का ढांचा कमजोर था या फिर भीड़ प्रबंधन की विफलता ने इस बड़े हादसे को जन्म दिया।





