वैशाली: बिहार पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार को दो लाख के इनामी कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार उर्फ अभिजीत को मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित हनुमान नगर कॉलोनी में हुआ। प्रिंस कुमार देश के सात राज्यों में हुई सोना लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित था।
गुप्त सूचना के बाद की गई घेराबंदी
पुलिस को इनपुट मिला था कि पूर्णिया और आरा के बहुचर्चित तनिष्क ज्वेलरी लूटकांड का मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार हनुमान नगर कॉलोनी में एक सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पटना STF और वैशाली पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग
जब पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए कहा, तो खुद को घिरा देख प्रिंस कुमार ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई, जिसमें प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान प्रिंस का एक साथी घायल हो गया। पुलिस ने घायल साथी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वहां से एक पिस्टल भी बरामद की है, जिससे प्रिंस ने पुलिस पर फायरिंग की थी।
PMCH से फिल्मी अंदाज में फरारी
प्रिंस कुमार सिर्फ एक खतरनाक अपराधी ही नहीं, बल्कि पुलिस को चकमा देने में भी माहिर था। सितंबर 2024 में इलाज के बहाने उसे बेउर जेल से पटना के PMCH लाया गया था। इसी दौरान उसने एक पुलिसकर्मी को ‘मटन पार्टी’ का झांसा देकर कमरे में बंद कर दिया और अपने साथियों की मदद से फरार हो गया। इस घटना के बाद से ही वह बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
इंजीनियरिंग छात्र से बना गोल्ड लूट गैंग का रणनीतिकार
वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र का रहने वाला प्रिंस कभी इंजीनियरिंग का छात्र हुआ करता था, लेकिन बाद में वह अपराध की दुनिया में उतर गया। उसका नाम देश के कुख्यात सोना लूट गिरोह के सरगना सुबोध सिंह से जुड़ा था। पुलिस के अनुसार, वह लगभग 300 किलो सोना लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का अहम सदस्य और रणनीतिकार था।
दर्जनों संगीन मामले थे दर्ज
प्रिंस कुमार पर वैशाली, पूर्णिया, सीतामढ़ी समेत कई जिलों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के 28 मामले दर्ज थे। फरारी के दौरान उसकी तलाश में पुलिस ने नेपाल सहित कई पड़ोसी राज्यों में भी छापेमारी की थी। हाल ही में उसके घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई और इश्तेहार भी चिपकाया गया था।
पुलिस का दावा – गिरोह की कमर टूटी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस कुमार के मारे जाने से सोना लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल मुठभेड़ स्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उसके अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।














