झारखंड

जामताड़ा: आदिवासियों के पूजा स्थल को बना दिया कब्रिस्तान, तनाव का माहौल

जामताड़ा: जिले में मुस्लिम और जनजातीय समुदायों के बीच भूमि विवाद गहरा गया है। यह विवाद नारायणपुर थाना क्षेत्र में ‘पुरातन पतित’ नामक स्थान को लेकर है। आदिवासी समुदाय इस भूमि को पवित्र स्थल मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह उनका कब्रिस्तान है। मुस्लिम पक्ष द्वारा यहाँ पर एक शव को भी दफना दिया गया, जिस से तनाव का माहौल बन गया। जनजातीय समुदाय ने पुलिस पर मुस्लिमों के पक्ष में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। भाजपा ने इस विवाद की वजह हेमंत सोरेन सरकार की तुष्टिकरण की नीति बताया है।

शनिवार को इसी क्षेत्र के शहरपुर पंचायत में रहने वाले पीठुआडीह के रहमतुल्लाह की मौत हो गई थी। रहमतुल्लाह का जनाजा ले कर मुस्लिम समुदाय पावन पतित जमीन की जमीन पर बढ़ चला। इसी जमीन पर रहमतुल्लाह को दफनाने की तैयारियाँ शुरू हो गईं। जैसे ही आसपास के जनजातीय लोगों को इसकी जानकारी हुई वो नाराज हो गए। उन्होंने शव दफनाने का विरोध किया तो दूसरी तरफ से भी तनातनी शुरू हो गई। माहौल को तनावपूर्ण देख कर मौके पर पुलिस बल पहुँच गया। पुलिस ने थोड़ी देर बातचीत के बाद मुस्लिमों का पक्ष लिया और पावन पतित की भूमि पर ही रहमतुल्लाह को दफना दिया गया। स्थानीय जनजातीय समुदाय ने पुलिस की कार्रवाई को एकपक्षीय बताया। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन भी मुस्लिम समुदाय का साथ दे रहा है। हालात तनावपूर्ण देखते हुए इलाके में पुलिस बल की सक्रियता बढ़ा दी गई है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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