July 26, 2026

आज तक नहीं लगा प्रोसेसिंग प्लांट, औने-पौने दाम पर बिकते हैं काजू, मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन ने लिया संज्ञान

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जामताड़ा में काजू की खेती

जमीन का निरीक्षण करते अधिकारी (ईटीवी भारत)

जामताड़ा: जिले का नाला प्रखंड काजू नगरी के नाम से जाना जाता है. जहां 50 एकड़ में काजू की खेती होती है. लेकिन आज तक यहां प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित नहीं हो सका है. नतीजा ये है कि यहां काजू बहुत कम दाम पर बिकते हैं. अब जिला प्रशासन और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लिया है.

काजू कौड़ी के भाव बिकते हैं

प्रोसेसिंग प्लांट की कमी के कारण आज काजू की खेती को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है. काजू की अच्छी खेती और उत्पादन के बावजूद काजू औने-पौने दाम पर बिकता है। आसपास के ग्रामीण काजू इकट्ठा करते हैं, उन्हें बोरियों में रखते हैं और पश्चिम बंगाल के लोगों को औने-पौने दाम पर बेच देते हैं। इससे न तो उन्हें अच्छी आमदनी हो पाती है और न ही कोई उचित लाभ मिल पाता है। सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है.

काजू की खेती में अपार संभावनाएं हैं

नाला प्रखंड में काजू की खेती की अपार संभावनाएं हैं, यहां की उपजाऊ मिट्टी काजू की खेती के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. लेकिन अगर प्रोसेसिंग प्लांट और सरकार का ध्यान इस ओर गया तो किसानों को काजू की खेती से न सिर्फ अच्छी आमदनी होगी, बल्कि रोजगार भी बढ़ेगा और सरकार को राजस्व का फायदा भी होगा.

झारखंड सरकार और जिला प्रशासन ने लिया संज्ञान

अब झारखंड सरकार और जामताड़ा जिला प्रशासन ने काजू की खेती को बढ़ावा देने और किसानों के लिए आय का जरिया तैयार करने के लिए इस दिशा में संज्ञान लिया है. जिला प्रशासन ने कृषि पदाधिकारी और वन विभाग के सभी पदाधिकारियों के साथ काजू बागान और खेती का निरीक्षण किया और प्रोसेसिंग प्लांट लगाने और काजू की खेती को बढ़ावा देने पर चर्चा की. मौके पर उपायुक्त ने वन विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

क्या कहते हैं उपायुक्त?

उपायुक्त आलोक कुमार ने काजू की खेती की अपार संभावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने काजू की खेती को बढ़ावा देने का संज्ञान लिया है. जिला प्रशासन जल्द ही काजू की खेती को बढ़ावा देने, किसानों को जागरूक करने और प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की दिशा में कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जायेगा.

प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर जल्द होगा सर्वे : कृषि पदाधिकारी

जिले के कृषि पदाधिकारी ने काजू की खेती के साथ-साथ हल्दी और जैतून की खेती की भी अपार संभावनाएं जतायी हैं. उन्होंने कहा कि काजू की खेती के साथ हल्दी की खेती भी की जा सकती है. इसमें किसानों को अच्छी आमदनी होगी और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि काजू की खेती के साथ-साथ हल्दी और जैतून की खेती के लिए भी यहां की मिट्टी काफी उपजाऊ है और जल्द ही कंपनी की टीम प्रोसेसिंग प्लांट का सर्वे करने पहुंचेगी. उन्होंने किसानों से भी अपील की है कि वे काजू की खेती को आगे बढ़ाएं, इस मामले में सरकारी विभाग उनके साथ खड़ा है.

काजू औने-पौने दाम पर बिकते हैं

आपको बता दें कि जामताड़ा के नाला ब्लॉक में बड़ी संख्या में काजू के पेड़ हैं और काजू की अच्छी खेती होती है. सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है. यहां प्रोसेसिंग प्लांट के लिए कई बार पहल की गयी और यहां के लोगों द्वारा मांग भी की गयी, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गयी. नतीजा, आज भी यहां काजू औने-पौने दाम पर बिकते हैं। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में जिला प्रशासन के आने के बाद प्रोसेसिंग प्लांट लगने में कितना समय लगता है।

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