मयूरभंज: ओडिशा के मयूरभंज जिले में रविवार को आए अचानक बवंडर ने भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं और तूफानी हालात के कारण दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 17 लोग घायल हो गए। प्रशासन के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में 100 से अधिक घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और कई परिवार बेघर हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार बवंडर का सबसे ज्यादा असर जिले के करंजिया क्षेत्र में देखने को मिला। रविवार शाम करीब चार बजे अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज हवाओं के साथ बवंडर ने इलाके में दस्तक दी। करीब आधे घंटे तक चले इस बवंडर ने कई गांवों में भारी तबाही मचाई। तेज हवा के झोंकों के साथ उड़ते मलबे और गिरते पेड़ों के कारण लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
कई गांवों में भारी नुकसान
बवंडर की चपेट में किए और कंकडा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां कई मकानों की छतें उड़ गईं, जबकि कई कच्चे घर पूरी तरह धराशायी हो गए। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके अलावा पनापासी और डुमुरिया गांवों में भी बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बवंडर की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़क किनारे खड़े वाहन तक हवा में उछल गए। एक घटना में तेज हवा के झोंके ने एक ऑटो रिक्शा को उठाकर पास के तालाब में फेंक दिया। कई मोटरसाइकिलें सड़क से दूर जा गिरीं और कई घरों की छतें उड़कर दूर जा पड़ीं।
घायलों का अस्पताल में इलाज
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। घायलों को बचाकर करंजिया उप-मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर है और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
घटना पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द राहत सामग्री और आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए।
प्रशासन ने शुरू किया राहत अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार करंजिया के उप-कलेक्टर पंचपीर कस्तूरी पांडा ने अस्पताल और प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। फायर सर्विस और आपदा प्रबंधन की टीमें मलबा हटाने, गिरे पेड़ों को हटाने और प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बवंडर इतनी तेजी से आया कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई घरों की छतें उड़ गईं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों ने खुले मैदान और पक्की इमारतों में शरण लेकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व पुनर्वास कार्य जारी है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और सतर्क रहने की अपील की है।














