
चतरा: जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार को टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के दो एरिया कमांडर, कुणाल और रोहिणी गंझू ने आईजी सुनील भास्कर के समक्ष हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
सरेंडर के दौरान दोनों नक्सलियों ने पुलिस को एक एसएलआर राइफल, एक ऑटोमैटिक राइफल और करीब 200 कारतूस सौंपे। बताया जा रहा है कि कुणाल पर चतरा और पलामू जिलों में 16 से अधिक नक्सली मामले दर्ज हैं, जबकि रोहिणी गंझू पर एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले लंबित हैं।
दोनों नक्सली कई नक्सली वारदातों में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में चलाए जा रहे सघन अभियान और लगातार नक्सल ठिकानों पर हो रही कार्रवाई के चलते इन दोनों ने आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया।
आईजी सुनील भास्कर ने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन दोनों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए आवश्यक सहयोग और सहायता दी जाएगी। उन्होंने इसे शांतिपूर्ण और नक्सल मुक्त झारखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
पुलिस का मानना है कि इन दो नक्सलियों के सरेंडर से टीएसपीसी की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और आने वाले दिनों में संगठन के अन्य सक्रिय सदस्यों पर भी दबाव बढ़ेगा।







