
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के सरिया प्रखंड की कुसमाडीह पंचायत भवन में SIR सुनवाई के दौरान हुए विवाद का राज्य निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है। स्थानीय युवक द्वारा सुनवाई की रिकॉर्डिंग किए जाने को लेकर विवाद के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ललित नारायण तिवारी को कथित रूप से बंधक बनाए जाने की घटना पर आयोग ने सरिया अनुमंडल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
शुक्रवार को एसडीएम सह निर्वाचन पदाधिकारी संतोष गुप्ता ने एसडीपीओ धनंजय राम और सहायक निर्वाची पदाधिकारी के साथ बैठक कर घटना की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, विवाद के कारण SIR की सुनवाई करीब पांच घंटे तक बाधित रही। एसडीएम ने कहा कि चुनाव संबंधी सुनवाई में इस तरह का व्यवधान गंभीर मामला है। आयोग के निर्देश के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, घटना के बाद कुसमाडीह और चिरुया पंचायतों में SIR की सुनवाई पंचायत स्तर पर नहीं कराने का निर्णय लिया गया है। अब निर्धारित तिथियों पर दोनों पंचायतों की सुनवाई अंचल स्तर पर होगी। दस्तावेजों का सत्यापन और संबंधित मामलों की प्रक्रिया भी वहीं पूरी की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि SIR की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुचारु तरीके से पूरा कराया जाएगा तथा किसी भी तरह के व्यवधान से सख्ती से निपटा जाएगा।
दरअसल, गुरुवार को कुसमाडीह पंचायत भवन में SIR की सुनवाई के दौरान ग्रामीण युवक द्वारा की जा रही रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को करीब पांच घंटे तक पंचायत भवन में ही बंधक बनाए रखा। इस दौरान मतदाता सूची के संशोधन से जुड़ी SIR की आधिकारिक प्रक्रिया पांच घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। घटना की जानकारी मिलते ही सरिया इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थिति को गंभीर देखते हुए बाद में एसडीएम और एसडीपीओ भी पंचायत भवन पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद ग्रामीणों को शांत कराया गया और बीडीओ को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।




