न्यूयॉर्क/कराकास: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका के न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म के आरोपों में फेडरल कोर्ट में ट्रायल का सामना करना होगा। अमेरिका ने उन पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन तस्करी की साजिश और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मादुरो को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में मुकदमे का सामना करना होगा।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एक हाई-प्रोफाइल मिशन ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व’ के तहत अंजाम दी गई, जिसमें कई सुरक्षा एजेंसियां शामिल थीं।
हमले में 40 लोगों की मौत
एक वरिष्ठ वेनेजुएला अधिकारी के हवाले से जानकारी सामने आई है कि शनिवार को हुए अमेरिकी हमले में अब तक कम से कम 40 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में सैन्यकर्मियों के साथ-साथ आम नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारी ने कहा है कि हताहतों की संख्या अभी और बढ़ सकती है, क्योंकि नुकसान का आकलन लगातार जारी है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और गहरी हो गई है। वहीं राजधानी कराकस सहित देश के कई हिस्सों में हालात अभी भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
कड़ी सुरक्षा में न्यूयॉर्क पहुंचाए गए मादुरो दंपति
शनिवार को निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस लाया गया। वहां से दोनों को हेलीकॉप्टर के जरिए मैनहैटन के एक हेलीपैड पर उतारा गया, जो फेडरल कोर्ट और सरकारी दफ्तरों के बेहद करीब है।
सबसे पहले मादुरो को ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (DEA) के कार्यालय में प्रोसेसिंग के लिए ले जाया जा सकता है। इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क की कुख्यात मेट्रोपॉलिटन करेक्शनल सेंटर (MCC), ब्रुकलिन में रखा जाएगा, जहां वे ट्रायल शुरू होने तक रहेंगे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही विमान उतरा, एफबीआई एजेंटों ने पूरे एयरक्राफ्ट को घेर लिया। मादुरो दंपति को बिना किसी देरी के हिरासत में लेकर अलग कर दिया गया।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि मादुरो को पहले वेनेजुएला के सैन्य अड्डे फुएर्टे ट्यूना से पकड़ा गया था, जहां वे छिपे हुए थे। इसके बाद उन्हें अमेरिकी नौसेना के जहाज यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया।
इस ऑपरेशन में 150 से अधिक विमानों और कई विशेष बलों की भागीदारी की बात कही जा रही है।
50 मिलियन डॉलर का इनाम, 2020 से लंबित थे आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, निकोलस मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित था। साल 2020 में दाखिल आरोपों में कहा गया था कि मादुरो ड्रग नेटवर्क ‘कार्टेल दे लॉस सोलेस’ के कथित नेता हैं और उन्होंने दशकों तक कोकीन तस्करी के नेटवर्क को संरक्षण दिया। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल का कहना है कि मादुरो और उनकी पत्नी समेत कई शीर्ष अधिकारी 25 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी में शामिल रहे।
कहां चलेगा मुकदमा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह मुकदमा न्यूयॉर्क से मियामी या फ्लोरिडा के किसी अन्य शहर में ट्रांसफर किया जा सकता है। मियामी में बड़ी संख्या में वेनेजुएला के नागरिक रहते हैं और वहां मादुरो की गिरफ्तारी की खबर पर जश्न का माहौल देखा गया।
ट्रंप ने कहा, यह ड्रग्स के खिलाफ हमारी कार्रवाई है। इसे एक सामान्य कानून-व्यवस्था की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।
वेनेजुएला में सत्ता को लेकर घमासान
फिलहाल वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अपने पद पर बनी हुई हैं। ट्रंप ने दावा किया कि रोड्रिगेज सहयोग के लिए तैयार हैं और देश को सही दिशा में ले जाने को तैयार हैं।
हालांकि, डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, यह खुली आक्रामकता और सत्ता परिवर्तन की साजिश है। अमेरिका हमारे तेल, खनिज और प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति केवल निकोलस मादुरो हैं।’
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि अंतरिम सरकार और उसके नेताओं को लेकर फैसला आगे की परिस्थितियों को देखकर लिया जाएगा। वहीं, ट्रंप के कुछ बयानों ने विवाद और बढ़ा दिया है, जिनमें उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को ठीक से चलाएगा और इससे बहुत पैसा कमाया जाएगा, जिसे तेल संसाधनों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोमवार को मादुरो की प्रारंभिक सुनवाई होने की उम्मीद है। इस केस का असर न सिर्फ अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों पर पड़ेगा, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका की राजनीति में इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।














