
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे छात्रों ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। अब छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत की मांग को भी अपनी प्रमुख शर्त बना दिया है।
बीती देर रात प्रशासनिक अधिकारियों के आंदोलन स्थल पर पहुंचने के बाद माहौल और गरमा गया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की टीम ने आंदोलन खत्म कर उन्हें स्टेडियम से हटाने का प्रयास किया। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें अलग-अलग तरीके से समझाने और आंदोलन को समाप्त कराने की कोशिश की गई, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे।
छात्र नेता पीयूष कुमार का आरोप है कि अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन आंदोलन की कोर कमेटी से बातचीत करने से इनकार किया गया। छात्रों का कहना है कि प्रशासन बातचीत के नाम पर आंदोलन को अलग-अलग समूहों में बांटने की कोशिश कर रहा है।
छात्रों ने दो टूक कहा है कि वे अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत के बाद ही आंदोलन को लेकर कोई फैसला करेंगे। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से हटने का सवाल ही नहीं उठता।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सेहत को देखते हुए उन्हें भोजन करने के लिए समझाने का प्रयास किया जा रहा है। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि प्रशासन छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है।
इस बीच भाजपा ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि आधी रात के बाद अधिकारी दलबल के साथ धरना स्थल पहुंचे और छात्रों पर आंदोलन खत्म करने का दबाव बनाया गया। भाजपा नेता अमर बाउरी के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद अधिकारियों के वहां से चले जाने का भी दावा किया गया है।
छात्र आंदोलन को लेकर तनाव उस समय और बढ़ गया था, जब विधानसभा मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्रों और मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के आरोप सामने आए। वहीं, खराब स्वास्थ्य के बावजूद विधानसभा घेराव मार्च में शामिल हुए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो फिलहाल रांची सदर अस्पताल में भर्ती हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सरकार छात्रों से सीधे मुख्यमंत्री स्तर पर बातचीत करेगी, या फिर आंदोलन 19वें दिन के बाद और लंबा खिंचेगा? छात्रों ने फिलहाल साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री से बातचीत के बिना वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।




