बैंक में अकाउंट खुलवाना हो या जमीन खरीदना हो, हर जगह डाॅक्यूमेंट के तौर पर आधार कार्ड की भी जरूरत पड़ती है। कई देशों में यह नियम है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके सरकारी और आधिकारिक डॉक्यूमेंट्स को डीएक्टिवेट कर दिया जाता है। ताकि डॉक्यूमेंट का कोई गलत फायदा ना उठा सके। लेकिन भारत में ऐसा नहीं है। यहां आधार कार्ड को डीएक्टिवेट करने का कोई तरीका नहीं है।
हालांकि, यह जरूर है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार वालों को चाहिए कि वह आधार कार्ड सेंटर पर जाकर मृत व्यक्ति के आधार कार्ड से उसकी डेथ सर्टिफिकेट लिंक करा दें। ऐसा कर देने से कोई भी आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।