
काठमांडू: नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की याद में 7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक दिवस मनाया जाएगा। नेपाल सरकार ने मृतकों के प्रति सम्मान और सामूहिक श्रद्धांजलि के तौर पर यह फैसला लिया है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिए जाने के बाद गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय शोक को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। सरकार के फैसले के मुताबिक, भाद्र 22 गते यानी 7 सितंबर को देशभर में राष्ट्रीय शोक रहेगा। यह दिन आपदा के 13वें दिन पड़ रहा है, जिसे हिंदू परंपरा में पुण्यतिथि के तौर पर भी देखा जाता है।
सरकारी दफ्तरों से लेकर विदेशों तक झुका रहेगा तिरंगा
राष्ट्रीय शोक के दौरान नेपाल के सभी सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इतना ही नहीं, विदेशों में मौजूद नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाकर आपदा में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
सरकार ने इस फैसले के जरिए भोटेकोशी बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति राष्ट्र की संवेदना और सम्मान प्रकट करने का संदेश दिया है।
7 सितंबर को छुट्टी नहीं, सामान्य रहेगा सरकारी कामकाज
राष्ट्रीय शोक दिवस को लेकर एक अहम बात यह है कि 7 सितंबर को नेपाल में सार्वजनिक अवकाश नहीं होगा। सभी सरकारी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे और प्रशासनिक कामकाज पहले की तरह चलता रहेगा।
यानी राष्ट्रीय शोक के बावजूद सरकारी गतिविधियां बंद नहीं होंगी। कार्यालयों में नियमित कामकाज जारी रखते हुए मृतकों के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाया जाएगा।
8 सितंबर को रहेगा सार्वजनिक अवकाश
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, इसके अगले दिन 8 सितंबर यानी भाद्र 23 गते को जेन जी शहीद दिवस के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
इस तरह नेपाल में लगातार दो दिनों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं—7 सितंबर को राष्ट्रीय शोक और 8 सितंबर को सार्वजनिक अवकाश।
नेपाल सरकार ने संबंधित सभी सरकारी संस्थानों, विदेशों में स्थित नेपाली राजनयिक मिशनों और अन्य संबंधित पक्षों को आदेश के मुताबिक जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
भोटेकोशी नदी की बाढ़ में हुई जनहानि के बाद सरकार का यह फैसला आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति देश की सामूहिक श्रद्धांजलि के तौर पर देखा जा रहा है।





