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महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 32 करोड़ की ठगी, 6 महीने कैमरे के सामने रखा बंधक

On: November 18, 2025 8:51 AM
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बेंगलुरु: बेंगलुरु से साइबर ठगी का ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां 57 वर्षीय एक महिला (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) को स्कैमर्स ने करीब छह महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर लगभग 32 करोड़ रुपये हड़प लिए। ठगों ने खुद को डीएचएल, साइबर क्राइम विभाग, सीबीआई और आरबीआई के अधिकारी बताकर महिला को मानसिक रूप से इतना डराया कि वह लगातार 187 लेनदेन कर अपनी जीवनभर की कमाई गंवा बैठी।

15 सितंबर 2024 से शुरू हुआ खेल

महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि परेशानी 15 सितंबर 2024 को शुरू हुई, जब उसे डीएचएल कर्मचारी होने का दावा करने वाले एक अज्ञात शख्स का फोन आया। उसने बताया कि अंधेरी से उसके नाम पर एक पार्सल बुक हुआ है जिसमें चार पासपोर्ट, तीन क्रेडिट कार्ड और एमडीएमए समेत प्रतिबंधित सामग्री मिली है। महिला ने जब इस बात से इंकार किया तो कॉल तुरंत एक कथित ‘सीबीआई अधिकारी’ के पास ट्रांसफर कर दी गई, जिसने उसे गिरफ्तारी की धमकी देकर दहशत में डाल दिया।

स्थानीय पुलिस से संपर्क करने पर भी रोक

ठगों ने दावा किया कि उसके नाम का दुरुपयोग करने वाले अपराधी उसके घर तक पहुंच चुके हैं और वह व उसके परिवार नजर में हैं। भयभीत महिला ने किसी को कुछ बताए बिना ठगों की बातों पर भरोसा कर लिया।

स्काइप के जरिए 24 घंटे की निगरानी

इसके बाद महिला को दो स्काइप आईडी इंस्टॉल करवाए गए।
मोहित हांडा नाम का व्यक्ति वीडियो कैमरे के जरिये उसे कथित नजरबंदी में रखकर लगातार मॉनिटर करता रहा। बाद में एक और नकली सीबीआई अधिकारी वीडियो कॉल पर आया और महिला को गालियां देकर, धमकाकर उसे अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मजबूर करता रहा।

संपत्ति की जानकारी और खातों का नियंत्रण अपने हाथ में लिया

ठगों ने कहा कि केस से उसका नाम तभी हटेगा जब वह आरबीआई के अधीन वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) को अपनी सभी संपत्तियों का विवरण दे। महिला के मुताबिक, स्कैमर्स को उसके फोन, लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी होती थी, जिससे उसका डर और गहरा गया।

24 सितंबर से 22 अक्टूबर 2024 के बीच महिला ने अपने लगभग सभी बैंक खातों की जानकारी ठगों को दे दी। इसके बाद ठगों ने उसकी 90% संपत्ति जमा करने को कहा और महिला ने मानसिक दबाव में आकर ऐसा ही किया।

जमानत और टैक्स के नाम पर करोड़ों की और ठगी

इसके बाद ठगों ने कहा कि उसे जमानत के तौर पर और 2 करोड़ रुपये चाहिए और फिर ‘टैक्स’ के नाम पर और रकम जमा करानी होगी। इस बीच, 1 दिसंबर को महिला को नकली विदड्रॉल लेटर तक भेज दिया गया। 6 दिसंबर को उसके बेटे की सगाई हुई, लेकिन मानसिक तनाव में रहने के कारण वह बीमारी से भी जूझती रही।

मार्च 2025 में अचानक संपर्क टूट गया

स्कैमर्स 2025 की शुरुआत तक रकम मांगते रहे और बार-बार आश्वासन देते रहे कि उसकी सारी राशि फरवरी तक वापस कर दी जाएगी। लेकिन 26 मार्च 2025 को अचानक सभी कॉल्स, स्काइप आईडी और चैट बंद हो गए। कुल मिलाकर महिला ने 31.83 करोड़ के 187 लेनदेन ठगों के खातों में किए।

FIR दर्ज, पुलिस ने जांच तेज की

पीड़िता ने बताया कि वह सदमे में थी और बेटे की शादी होने के बाद ही उसने 14 नवंबर 2025 को मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह बेंगलुरु में अब तक का सबसे बड़ा साइबर फ्रॉड हो सकता है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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