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गदड़ा:सड़क की दुर्दशा के खिलाफ महिलाओं का रौद्र रूप,सड़क जाम कर सांसद विधायक नेताओं को जमकर कोसा,और!

On: June 2, 2026 11:23 AM
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जमशेदपुर : गदड़ा बारीगोड़ा मुख्य सड़क की दुर्दशा के खिलाफ लोगों का आक्रोश भड़क गया और भारी संख्याओं में महिला और पुरुष सड़क पर उतरकर आंदोलित हो गए और जल जमाव वाली जगह पर बांस बल्ली के सहारे सड़क पर आवागमन बाधित कर दिया। इस दौरान स्थानीय पुरुषों को भी नहीं बख्शा। महिलाओं का कहना था कि जो काम पुरुषों का है वह महिलाएं कर रही है सड़क पर आ गई है। नेता इस रोड से आते हैं जाते हैं लेकिन उन्हें नहीं दिखाई पड़ता। पंचायत चुनाव में आने वाले नेताओं को सबक सिखाएंगे। इस दौरान परसुडीह के थानेदार दलबल के साथ सूचना पाकर पहुंचे जहां वे महिलाओं को हटाने का प्रयास कर रहे थे जिसके बाद महिलाओं के साथ उनकी तीखी नोंक झोंक की खबर है। सांसद और विधायक को भी खूब खरी-खोटी सुनाई गई है।

थानेदार के कथित अव्यवहारिक बर्ताव से महिलाएं भड़क गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिना महिला पुलिस बल के थानेदार गदड़ा पहुंचकर महिलाओं पर रूआब झाड़ रहे थे। हाथ पकड़ कर खींच कर हटाने का प्रयास कर रहे थे, फलस्वरूप महिलाएं आक्रोशित हो गई । एक महिला को खींच तान में चोट आ गई। जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। महिलाओं ने कहा कि आज तक हम लोग कभी पार्टी पोलिटिक्स नहीं किये हैं।
सड़क पर जगह -जगह गड्ढ़ा है । उन गड्ढों में पानी भरा है। हर दिन गिरकर लोग घायल हो रहे हैं। सांसद -विधायक हमेशा इस सड़क से गुजरते हैं लेकिन सड़क की सुध नहीं लेते हैं। ऐसे में हम लोग लाचार होकर ऐसा कदम उठाएं है। आखिर कौन सुनेगा हमारी समस्या ? महिलाओं ने कहा कि थानेदार नए हैं उन्हें अपनी मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। वो गारंटी लेंगे सड़क बनवाने का । इस बीच जाम स्थल पर महिलाओं से थानेदार की तीखी नोंक झोंक हुई। महिलाओं ने विधायक एवं प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारे लगाई। बाद में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम खुला। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अब मोर्चा हम लोग संभाल लिये हैं पंचायत चुनाव में भी वोट मांगने के लिए आने वाले नेताओं को इस बार सबक सिखाएंगे।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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