
बीजिंग: पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के बंदरगाह शहर किंगदाओ (Qingdao) में गुरुवार को एक विदेशी ध्वज वाले मालवाहक जहाज में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त जहाज पर कुल 42 लोग सवार थे। इनमें से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह दर्दनाक हादसा किंगदाओ के बेहाई शिपयार्ड में हुआ, जहां जहाज मरम्मत और ओवरहॉलिंग के लिए पहुंचा था। चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 11:15 बजे जहाज के निचले हिस्से से अचानक काला धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और जहाज का बड़ा हिस्सा लपटों की चपेट में आ गया।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
आग लगने की सूचना मिलते ही शिपयार्ड में अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल के साथ दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 2:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि, तब तक हादसा भारी तबाही मचा चुका था।
‘ओशन मेलोडी’ था हादसे का शिकार जहाज
आग जिस जहाज में लगी, उसका नाम ‘ओशन मेलोडी’ बताया गया है। यह लाइबेरिया के झंडे वाला एक बड़ा बल्क कैरियर जहाज है। समुद्री ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जहाज का स्वामित्व चीनी कंपनी हुइली शिपिंग के पास है, जबकि इसका प्रबंधन युयांगकुनपेंग शंघाई शिप मैनेजमेंट कर रही थी।
जहाज की गतिविधियों पर नजर रखने वाले समुद्री डेटा के मुताबिक, ‘ओशन मेलोडी’ 31 अगस्त को मरम्मत के लिए किंगदाओ के बेहाई शिपयार्ड पहुंचा था। बताया जा रहा था कि मरम्मत का काम पूरा होने के बाद जहाज को आने वाले रविवार को दोबारा रवाना होना था। लेकिन उससे पहले ही हुए इस भीषण हादसे ने इसे त्रासदी में बदल दिया।
हादसे की जांच के आदेश
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया। घटना के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। शिपयार्ड में आग कैसे लगी और इतनी तेजी से कैसे फैली, इसकी जांच की जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हादसे के कारणों की जल्द जांच करने और राहत एवं पीड़ितों की सहायता के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने ऐसे जानलेवा हादसों से सरकारी विभागों और कंपनियों को सबक लेने तथा सुरक्षा उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया।




