
टेक न्यूज़: अगर आप Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं और बार-बार बैटरी खत्म होने की समस्या से परेशान हैं, तो फोन की कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके बैटरी बैकअप को बेहतर किया जा सकता है। कई बार ज्यादा ब्राइटनेस, अनावश्यक नोटिफिकेशन, बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स और लगातार ऑन रहने वाली स्क्रीन बैटरी तेजी से खत्म करने की वजह बनते हैं। इसके अलावा फोन को गलत तरीके से चार्ज करना और ज्यादा गर्म वातावरण में इस्तेमाल करना भी बैटरी की सेहत पर असर डाल सकता है।
अगर आप भी अपने Android फोन की बैटरी लाइफ बेहतर रखना चाहते हैं, तो इन आसान टिप्स को अपनाया जा सकता है।
फोन की बैटरी को पूरी तरह खत्म होने से बचाएं
स्मार्टफोन की बैटरी के पूरी तरह खत्म होने के बाद ही फोन को चार्ज पर लगाने से बचना चाहिए। इसी तरह फोन को जरूरत से ज्यादा देर तक चार्जिंग पर लगाए रखना भी बैटरी की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। कोशिश करें कि बैटरी को पूरी तरह खत्म होने से पहले चार्ज कर लें और फोन में उपलब्ध बैटरी प्रोटेक्शन या चार्जिंग ऑप्टिमाइजेशन जैसे फीचर्स का इस्तेमाल करें।
फोन को ज्यादा गर्म होने से बचाएं
बैटरी की सेहत के लिए तापमान बेहद महत्वपूर्ण है। तेज धूप में फोन का इस्तेमाल करने या उसे गर्म जगह पर रखने से बचें। गेमिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग या लंबे समय तक दूसरे भारी काम करने के दौरान भी फोन गर्म हो सकता है। अगर डिवाइस जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है तो कुछ समय के लिए उसका इस्तेमाल रोकना बेहतर है।
गैर-जरूरी नोटिफिकेशन बंद करें
हर ऐप के नोटिफिकेशन की जरूरत नहीं होती। बार-बार आने वाले अलर्ट स्क्रीन को जगाते हैं और कुछ ऐप्स को बैकग्राउंड में सक्रिय रखते हैं। इससे बैटरी की खपत बढ़ सकती है। फोन की Settings में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद किए जा सकते हैं। केवल जरूरी ऐप्स के अलर्ट चालू रखने से बैटरी के साथ-साथ फोन का इस्तेमाल भी कम परेशान करने वाला रहेगा।
बैकग्राउंड ऐप एक्टिविटी को करें सीमित
कई ऐप्स ऐसे होते हैं जिनका इस्तेमाल नहीं करने के बावजूद वे बैकग्राउंड में सक्रिय रहते हैं। ये ऐप्स डेटा सिंक करने, कंटेंट रिफ्रेश करने या दूसरी गतिविधियों के लिए बैटरी खर्च कर सकते हैं। Android के कई डिवाइस में ऐप्स की बैकग्राउंड गतिविधि को सीमित करने, बैटरी ऑप्टिमाइजेशन करने या इस्तेमाल न होने वाले ऐप्स को स्लीप में डालने के विकल्प मिलते हैं। Settings में Battery या Apps सेक्शन के जरिए जरूरत के मुताबिक इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
Adaptive Brightness को रखें ऑन
फोन की स्क्रीन आमतौर पर बैटरी की खपत का बड़ा हिस्सा होती है। ऐसे में जरूरत से ज्यादा ब्राइटनेस बैटरी को तेजी से कम कर सकती है। Android फोन में मौजूद Adaptive Brightness फीचर आसपास की रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की चमक को अपने आप एडजस्ट करता है। अगर आपको लगता है कि ऑटोमैटिक ब्राइटनेस के बावजूद स्क्रीन ज्यादा चमकदार है, तो ब्राइटनेस को मैनुअली कम करके भी बैटरी बचाई जा सकती है।
Screen Timeout को कम करें
अगर फोन इस्तेमाल नहीं होने के बावजूद काफी देर तक स्क्रीन ऑन रहती है तो बैटरी की खपत बढ़ती है। इसलिए सेटिंग्स में जाकर Screen Timeout या Screen Sleep की अवधि कम की जा सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर स्क्रीन लंबे समय तक ऑन रहने की जरूरत नहीं है तो कम समय का स्क्रीन टाइमआउट चुनना बैटरी बचाने में मदद कर सकता है।
Keyboard Vibration और Sound बंद करें
टाइपिंग के दौरान कीबोर्ड साउंड और वाइब्रेशन भी फोन की बैटरी का इस्तेमाल करते हैं। अगर आपको इन फीचर्स की जरूरत नहीं है तो Keyboard Settings में जाकर Keypress Sound और Haptic Feedback या Keyboard Vibration को बंद किया जा सकता है।
इससे हर टाइपिंग के दौरान होने वाली अनावश्यक वाइब्रेशन और साउंड से होने वाली छोटी-छोटी बैटरी खपत कम की जा सकती है।
जरूरत पड़ने पर बैटरी सेवर इस्तेमाल करें
जब फोन की बैटरी तेजी से कम हो रही हो और आसपास चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध न हो, तब Battery Saver काफी उपयोगी साबित हो सकता है। यह फीचर बैकग्राउंड गतिविधियों और कुछ अन्य पावर-खपत वाली प्रक्रियाओं को सीमित करके बैटरी को ज्यादा देर तक चलाने में मदद करता है।
Android फोन में Quick Settings पैनल से Battery Saver को आसानी से ऑन किया जा सकता है। कुछ डिवाइस में इसे एक निश्चित बैटरी प्रतिशत पर अपने आप चालू करने का विकल्प भी मिलता है।
AMOLED डिस्प्ले वाले फोन में Dark Mode उपयोगी
अगर आपके Android फोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले है तो Dark Mode का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में ऊर्जा की खपत कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे डिस्प्ले में काले हिस्सों को दिखाने के लिए संबंधित पिक्सल बहुत कम या बिल्कुल ऊर्जा इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि इसका फायदा फोन के डिस्प्ले और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है। फिर भी रात में Dark Mode आंखों के लिए आरामदायक अनुभव देने के साथ बैटरी बचाने में भी मददगार हो सकता है।
जरूरत न होने पर लोकेशन और कनेक्टिविटी फीचर बंद करें
GPS/Location, Bluetooth, मोबाइल हॉटस्पॉट और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कनेक्टिविटी फीचर भी बैटरी पर असर डाल सकते हैं। जब इनकी आवश्यकता न हो तो इन्हें बंद रखना उपयोगी हो सकता है। हालांकि आधुनिक Android फोन इन फीचर्स की पावर खपत को काफी हद तक मैनेज करते हैं, फिर भी लगातार अनावश्यक इस्तेमाल से बचना बेहतर है।
इन छोटे-छोटे बदलावों से फोन की बैटरी पर अनावश्यक दबाव कम किया जा सकता है और चार्ज के बीच ज्यादा समय तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।




