
चैंबर चुनाव के बहिष्कार का निर्णय, छोटे दुकानदार से बड़े कारोबारी तक समान अधिकार देने की बात
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। श्री बंशीधर नगर के व्यवसायिक जगत में चैंबर ऑफ कॉमर्स की चुनाव प्रक्रिया और कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। रविवार को अनिकेत पैलेस में हुई प्रबुद्ध व्यवसायियों की बैठक में अलग संगठन ‘श्री बंशीधर व्यवसायी संघ’ के गठन पर सहमति बनी। बैठक में चैंबर के आगामी चुनाव के बहिष्कार और चैंबर की सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिए जाने की बात कही गई।
बैठक की अध्यक्षता रवि प्रकाश ने की। व्यवसायियों ने चैंबर की कथित कार्यप्रणाली, चुनाव प्रक्रिया और निर्णय लेने के तरीके पर सवाल उठाए। बैठक में कहा गया कि नगर में ऐसे व्यवसायी संगठन की जरूरत है, जिसमें छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी और ठेला-खोमचा संचालक तक सभी को समान अधिकार और सम्मान मिले।
छोटा-बड़ा नहीं, हर व्यवसायी को समान अधिकार
बैठक में नए संगठन के स्वरूप को लेकर कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। व्यवसायियों ने कहा कि कारोबार के आकार के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। जीएसटी पंजीकृत, बिना जीएसटी वाले तथा बिना लाइसेंस कारोबार करने वाले व्यवसायियों को भी संघ की सदस्यता लेने और चुनाव में भाग लेने का अवसर देने की बात कही गई।
व्यवसायियों के अनुसार, संघ का उद्देश्य किसी खास वर्ग या बड़े कारोबारियों तक सीमित रहना नहीं होगा। नगर के सभी व्यवसायियों की समस्याओं को एक मंच पर लाकर उनके समाधान के लिए आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता होगी।
दो वर्ष का कार्यकाल, दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का प्रस्ताव
बैठक में नए संघ के पदाधिकारियों का कार्यकाल दो वर्ष रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही एक बार पदाधिकारी चुने जाने के बाद लगातार दूसरी बार चुनाव नहीं लड़ने का प्रावधान रखने की बात कही गई। पदाधिकारियों का चयन प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया। संघ की सदस्यता शुल्क 100 रुपये निर्धारित की गई है। व्यवसायियों ने 7 अक्टूबर 2026 से सदस्यता अभियान शुरू करने की घोषणा की।
राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने की बात
बैठक में व्यवसायियों ने कहा कि ‘श्री बंशीधर व्यवसायी संघ’ को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखा जाएगा। संगठन में राजनीतिक मुद्दों के बजाय व्यवसायियों की समस्याओं, अधिकारों और व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
बैठक में यह भी कहा गया कि संघ की सदस्यता व्यवसायियों तक सीमित रहेगी और संगठन का मुख्य उद्देश्य नगर के व्यवसायियों को एकजुट कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत मंच उपलब्ध कराना होगा।
धर्मचंद अग्रवाल ने चैंबर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक में चैंबर के पूर्व चुनाव अधिकारी धर्मचंद लाल अग्रवाल ने चैंबर की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चैंबर में अपनाई जा रही प्रक्रिया व्यवसायियों के हित में नहीं है और नगर को एक सशक्त व्यवसायी संगठन की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वे चैंबर में संवैधानिक पद पर रह चुके हैं। उनके अनुसार, जब उनकी बातों को नहीं सुना जा रहा और उनकी बातों की लगातार अनदेखी हो रही है, तो ऐसी व्यवस्था में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।
रवि प्रकाश ने एकजुट होने की अपील की
बैठक की अध्यक्षता कर रहे रवि प्रकाश ने व्यवसायियों से आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यवसायियों के अधिकार और हितों के लिए मजबूत संगठन जरूरी है।
वहीं शमीम खान ने चैंबर की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए कहा, “नवाबों में मुल्क, बिना मुल्क के नवाब।” उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसायिक संगठन की मजबूती तभी संभव है, जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी व्यवसायियों की भागीदारी और समानता सुनिश्चित हो।
नए संगठन के गठन से बदलेगा व्यापारिक संगठनों का समीकरण
‘श्री बंशीधर व्यवसायी संघ’ के गठन की घोषणा के बाद नगर के व्यापारिक संगठनों के बीच नया समीकरण बनने की संभावना है। अब नए संगठन को कितने व्यवसायियों का समर्थन मिलता है और इसका चैंबर की सदस्यता तथा आगामी गतिविधियों पर क्या प्रभाव पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
बैठक में प्रतिष्ठित व्यवसाई वीरेंद्र कमलापुरी, अजीत कुमार, राकेश विश्वकर्मा, आनंद कमलापुरी, विनीत कुमार शरद, महावीर विश्वकर्मा, तौकीर आलम, शैलेंद्र कुमार, विकास कुमार, अनिल कुमार, रजनीकांत मधुर उर्फ भोलू, नीरज जायसवाल, अनिल कमलापुरी, मनदीप कमलापुरी, धीरज कुमार, अमित पासवान, धनंजय पासवान समेत बड़ी संख्या में व्यवसायी मौजूद थे।






