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धनबाद/रांची: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित गाली-गलौज और धमकी से जुड़ा एक ऑडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। थाना प्रभारी की शिकायत पर विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद और करीब 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले ने अब पुलिस महकमे में भी नाराजगी पैदा कर दी है। मंगलवार शाम रांची में झारखंड पुलिस एसोसिएशन की आपात बैठक हुई, जिसमें पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की गई। बैठक के बाद एसोसिएशन ने विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
पुलिस एसोसिएशन का आरोप है कि विधायक जयराम महतो ने थाना प्रभारी के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकी दी। एसोसिएशन ने इस पूरे मामले को पुलिसकर्मियों के सम्मान और मनोबल से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि विधायक की ओर से मामले में चौबीस घंटे के अंदर सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती है, तो पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक रूप देने की तैयारी है। एसोसिएशन ने संकेत दिया है कि महासंघ के आदेश के बाद पुलिसकर्मी अनिश्चितकालीन तौर पर ड्यूटी से दूर रहने जैसे कड़े कदम पर भी विचार कर सकते हैं।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय भी मांगा है, ताकि आक्रोशित पुलिसकर्मियों की भावनाओं और पूरे घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया जा सके।
पूरा विवाद बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के नाम पर कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल के आरोप से शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, इस मामले में जेएलकेएम नेता गणेश दास को 21 अगस्त को हिरासत में लिया गया था।
आरोप है कि कथित फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा था। गणेश दास की हिरासत की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ देर रात बरवाअड्डा थाना पहुंचे।
पुलिस का आरोप है कि इस दौरान थाना परिसर में हंगामा किया गया और हिरासत में लिए गए गणेश दास को जबरन छुड़ाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान विधायक और थाना प्रभारी के बीच कथित तौर पर व्हाट्सऐप कॉल पर बातचीत हुई।
इसी बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में जयराम महतो थाना प्रभारी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करते और धमकी देते सुनाई दे रहे हैं।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद आवाज की पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
थाना प्रभारी की शिकायत के आधार पर धनबाद पुलिस ने विधायक जयराम महतो समेत 10 नामजद लोगों और करीब 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों को धमकी देने, थाना परिसर में हंगामा करने और कथित तौर पर अवैध रूप से भीड़ जुटाने सहित विभिन्न आरोप लगाए हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध वीडियो-ऑडियो फुटेज की जांच कर रही है।
वहीं, विधायक जयराम महतो ने पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह अपने कार्यकर्ता गणेश दास के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती की जानकारी लेने के लिए थाना पहुंचे थे। विधायक ने आरोप लगाया कि थाना परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन पर हमला करने के साथ गला दबाने का प्रयास किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक या जांच में शामिल करने की मांग की है। जयराम महतो ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार देते हुए पुलिस के आरोपों पर सवाल उठाए हैं।






