
रांची: बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से झारखंड में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 26 से 30 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, 26 अगस्त को गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिमी झारखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के संकेत हैं। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में भी आसमान में बादल छाए रहने और कई जगहों पर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
27 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश के आसार
बारिश का असर अगले दिन भी जारी रहने की संभावना है। 27 अगस्त को चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो, रामगढ़, धनबाद और रांची में भारी बारिश हो सकती है।
28 अगस्त को तीन जिलों में भारी बारिश की संभावना
28 अगस्त को गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और बादल छाए रहने की स्थिति बनी रह सकती है।
29 अगस्त को चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अगस्त को सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने और आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।
30 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त को भी झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। यानी अगले पांच दिनों तक राज्य में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।
गरज-चमक के साथ चल सकती है तेज हवा
26 से 30 अगस्त के बीच कई स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान तेज हवाएं भी चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
कुमारडुंगी में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड के लगभग सभी हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी में 97 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस अवधि में राज्य में सबसे अधिक रही।





