
जमशेदपुर: होटल व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लग रहे हैं। नेशनल हाईवे स्थित टेंथ माइलस्टोन होटल परिसर में हुई इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस को घटनास्थल से नौ खोखे बरामद हुए हैं। वहीं CCTV फुटेज में चार संदिग्धों की गतिविधियां सामने आई हैं, जिनमें से दो की पहचान किए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस अब अन्य संदिग्धों की भूमिका और हत्या के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है।
इनोवा से पहुंचे थे दो शूटर, फायरिंग के बाद जमशेदपुर की ओर भागे
पुलिस जांच में अब तक सामने आया है कि निखार सबलोक की हत्या के लिए पहुंचे दो शूटर दोपहिया वाहन से नहीं, बल्कि इनोवा कार से होटल परिसर तक आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों युवक दुबले-पतले थे। एक ने ऑलिव ग्रीन रंग की शर्ट और दूसरे ने सफेद-काले रंग की शर्ट पहन रखी थी।
बताया जा रहा है कि दोनों हमलावर होटल परिसर में पहले से मौजूद थे। निखार सबलोक जमीन से जुड़े किसी मामले को लेकर होटल में बातचीत करने पहुंचे थे। उस समय उनके साथी बाहर वाहन में रुके हुए थे, जबकि निखार अंदर बातचीत कर रहे थे। हमलावर भी होटल में दूसरी टेबल पर बैठे हुए थे।
बातचीत खत्म होने के बाद जैसे ही निखार होटल के पोर्टिको की ओर बाहर निकले, हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर फायरिंग कर दी। उनके सिर में भी गोली लगने की बात सामने आई है। वारदात के बाद दोनों शूटर इनोवा में सवार होकर जमशेदपुर की ओर फरार हो गए। इलाके में दहशत फैलाने के लिए हवा में भी फायरिंग किए जाने की बात जांच में सामने आ रही है।
घटनास्थल से नौ खोखे बरामद
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच के दौरान नौ खोखे बरामद किए हैं। इनमें आठ खोखे उस स्थान के आसपास मिले, जहां निखार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी, जबकि एक खोखा कुछ दूरी पर बरामद हुआ। पुलिस बरामद खोखों और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर इस्तेमाल किए गए हथियार तथा हमलावरों से जुड़े सुराग जुटा रही है।
CCTV में चार संदिग्ध, दो की पहचान
वारदात के बाद पुलिस ने होटल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में चार संदिग्धों की गतिविधियां सामने आई हैं। इनमें से दो की पहचान किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों का आपस में क्या संबंध है और घटना में उनकी क्या भूमिका रही।
जांच एजेंसियां इनोवा कार के आने-जाने के रास्ते का भी पता लगा रही हैं। इसके लिए अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज को जोड़कर वाहन की आवाजाही को ट्रेस किया जा रहा है।
जमीन विवाद और गैंगवार के एंगल पर जांच
पुलिस हत्या के पीछे जमीन विवाद, भूमि कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई और आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही खींचतान समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि निखार सबलोक हाल के दिनों में चांडिल और एनएच-33 के आसपास जमीन से जुड़े कुछ बड़े सौदों में सक्रिय थे।
सिदगोड़ा, सोनारी और शहर के अन्य इलाकों में जमीन पर कब्जे को लेकर चल रहे विवादों से भी इस हत्याकांड के तार जोड़कर देखे जा रहे हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या निखार ने किसी जमीन विवाद में किसी आपराधिक समूह के हितों का विरोध किया था।
पुलिस को यह आशंका भी है कि वारदात को किसी पेशेवर गिरोह के जरिए अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
महिला की भूमिका भी जांच के घेरे में
घटना के दौरान होटल परिसर में मौजूद एक महिला की गतिविधियां भी पुलिस के जांच के दायरे में हैं। CCTV फुटेज में महिला को लगातार फोन पर बातचीत करते हुए देखा गया है। पुलिस अब उसके मोबाइल की कॉल डिटेल, घटना के समय की लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इसके अलावा हत्या के वक्त निखार सबलोक के साथ टेंथ माइलस्टोन में मौजूद चार साथियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना से पहले और बाद में उनके संपर्क में आए लोगों तथा गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से खुलेगा राज
पुलिस निखार सबलोक के मोबाइल की कॉल डिटेल के साथ-साथ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन भी खंगाल रही है। घटना से पहले किन लोगों से बातचीत हुई, वारदात के दौरान होटल के आसपास कौन-कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय थे और इनोवा किस रास्ते से जमशेदपुर पहुंची—इन सभी बिंदुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
निखार सबलोक कदम क्षेत्र स्थित क्रिस्टल होटल के मालिक थे और उन्हें जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र के विधायक सरयू राय का करीबी भी बताया जाता था। उनके परिवार का कारोबार विदेश तक फैला होने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इनोवा से पहुंचे दोनों शूटर कौन थे, उन्हें किसने भेजा और निखार सबलोक की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। सरायकेला-खरसावां पुलिस और जमशेदपुर पुलिस के बीच समन्वय से जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हत्याकांड की पूरी साजिश और इसके पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।






