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मनरेगा का स्वरूप बदलना ग्रामीण बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड :परविंदर सिंह

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जमशेदपुर : अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जिला पर्यवेक्षक बलजीत सिंह बेदी के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत घाटशिला प्रखण्ड के मऊभण्डार पंचायत क्षेत्र के टुमांगडूंगरी गांव में चौपाल कार्यक्रम का आयोजन काल्टू चक्रवर्ती के अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह शामिल हुए।
चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने महात्मा गाँधी राष्ट्रीय गारंटी रोजगार अधिनियम 2005 (मनरेगा) को छिन्न-भिन्न करते हुए मुल स्वरूप को ही बदल कर मजदूर के रोजगार को ही समाप्त करने पर तुल गई है। कांग्रेस सरकार में 90% केंद्र सरकार राशि उपलब्ध कराती थी, लेकिन मोदी सरकार ने केंद्र का हिस्सा 60% कर के राज्य सरकार को 40% राशि के चक्कर में डाल दिया है।
कांग्रेस पार्टी ने ठाना है कि पंचायत एवं ग्राम स्तर पर पहुँच कर मजदूरों के हकों को हर हाल में दिलाने के लिए मनरेगा को मुल रूप में वापस लाने के लिए कटिबद्ध है। यह संग्राम अब पंचायत-पंचायत तक गुंजेगी। चौपाल में काफी संख्या में ग्रामीण एवं मजदूरों ने बातों को सुन कर लाभ उठाया।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता काल्टू चक्वर्ती एवं ग्रामवासी शामिल हुए।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।