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हैदराबाद में ट्रेनिंग, चतरा में 60 लाख की चोरी… फिल्मी अंदाज में वारदात करने वाले गिरोह का खुलासा

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चतरा:चतरा में 60 लाख रुपये के जेवरात चोरी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पूरी योजना और विशेष प्रशिक्षण के साथ वारदातों को अंजाम देता था। जिससे पुलिस भी चौंक गई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य किसी भी कारोबारी या संभावित शिकार को निशाना बनाने से पहले कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखते थे। इसके बाद ग्राहक बनकर विश्वास जीतते और मौका मिलते ही बाइक या कार की डिक्की से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
चतरा के एसपी अनिमेश नैथानी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों को हैदराबाद में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता था। वहां उन्हें बिना किसी नुकसान के बाइक और कार की डिक्की खोलने, भीड़ में अपनी पहचान छिपाकर रहने, लंबे समय तक रेकी करने और वारदात के तुरंत बाद सुरक्षित तरीके से निकल जाने की तकनीक सिखाई जाती थी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें अलग-अलग राज्यों में सक्रिय किया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दीपक प्रधान पहले भी चोरी, छिनतई और वाहनों की डिक्की से सामान उड़ाने जैसी घटनाओं में शामिल रहा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसने चतरा जिले के पत्थलगड़ा और जोरी थाना क्षेत्रों में भी ज्वेलरी कारोबारियों को अपना निशाना बनाया था। अब पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ यह भी खंगाल रही है कि इस गिरोह ने झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।