झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। लगभग 12 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मंगलवार को जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय मनोज कुमार शर्मा की अदालत ने विशुनपुरा थाना कांड संख्या-47/2014 एवं सत्र वाद संख्या-135/2016 में फैसला सुनाया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304(1)/34 के तहत तीनों अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
सजा पाने वालों में हरी सिंह (पिता-स्व. दरोगा सिंह), ललिता कुमारी (पिता-हरी सिंह) एवं श्रुति देवी (पति-हरी सिंह) शामिल हैं। तीनों सरांग गांव, थाना-विशुनपुरा, जिला-गढ़वा के निवासी हैं।
अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को प्रमाणित किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपितों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया। अदालत के फैसले के बाद दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की गई। यह फैसला गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
12 वर्ष पुराने हत्या के मामले में विशुनपुरा के तीन दोषियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास













