नई दिल्ली: देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे चुनाव में अब तक 26 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। कई राज्यों में विपक्षी दलों द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण इन नेताओं को बिना मतदान के ही राज्यसभा के लिए चुन लिया गया। निर्विरोध निर्वाचित होने वालों में कई बड़े और चर्चित नाम शामिल हैं।
हालांकि अभी भी तीन राज्यों की 11 सीटों पर मुकाबला बाकी है, जहां 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा। इन राज्यों में अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में होने के कारण चुनाव की स्थिति बनी हुई है।
महाराष्ट्र में कई बड़े नाम निर्विरोध
महाराष्ट्र से सात उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। इनमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, भाजपा के विनोद तावड़े, रामराव वडुकुटे और माया इवनाते शामिल हैं। इसके अलावा शिवसेना (शिंदे गुट) की ज्योति वाघमारे और एनसीपी के पार्थ पवार भी निर्विरोध चुने गए हैं।
तमिलनाडु में भी छह उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इनमें डीएमके के तिरुची शिवा और जे कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन शामिल हैं। इसके अलावा एआईएडीएमके के एम थंबीदुरई, पीएमके के अंबुमणि रामदास, कांग्रेस के एम क्रिस्टोफर तिलक और डीएमडीके केज्ञएल के सुदीश भी बिना मुकाबले के राज्यसभा पहुंच गए।
पश्चिम बंगाल में पांच उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें भाजपा के राहुल सिन्हा के अलावा तृणमूल कांग्रेस के बाबुल सुप्रियो, राज्य के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मलिक शामिल हैं।
असम से भाजपा के जोगेन मोहन और तेरोस गोवाला के साथ यूपीपीएल के प्रमोद बोरो निर्विरोध चुने गए हैं।
तेलंगाना से कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
छत्तीसगढ़ से भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम भी निर्विरोध चुनी गई हैं।
हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा राज्यसभा पहुंचे हैं।
अब बिहार, ओडिशा और हरियाणा की कुल 11 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। बिहार की पांच, ओडिशा की चार और हरियाणा की दो सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। इन चुनावों में बिहार से मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राज्यसभा पहुंचने की चर्चा तेज है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नीतिन नवीन के भी राज्यसभा जाने की संभावना जताई जा रही है।














