
मझिआंव: अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर शनिवार को मझिआंव प्रखंड में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा-2026 का आयोजन किया गया। प्रखंड में तीन परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। प्रो. राधा कृष्ण बालिका उच्च विद्यालय, एलके पब्लिक स्कूल एवं आरके पब्लिक स्कूल में कक्षा 5 से 9 तक के कुल 530 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया।
राधा कृष्ण बालिका उच्च विद्यालय केंद्र पर 218 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। केंद्राधीक्षक नीरज प्रसाद थे। परीक्षा संचालन में प्रखंड संयोजक नागेंद्र सिंह, सुनीता चौरसिया, रानी देवी, संतोषी देवी, अरविंद कुमार वर्मा, राजेश कुमार अग्रहरी एवं मुदस्सर खां ने सहयोग किया। इस केंद्र पर उच्च विद्यालय मझिआंव, उच्च विद्यालय अखौरी तहले, कन्या मध्य विद्यालय, मध्य विद्यालय बूढ़ीखांड एवं मध्य विद्यालय खजुरी के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
एलके पब्लिक स्कूल केंद्र पर 148 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी। इनमें एलके पब्लिक स्कूल, कॉर्नर स्टोन पब्लिक स्कूल, लक्ष्मी ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल एवं मध्य विद्यालय करमडीह के विद्यार्थी शामिल थे। यहां गायत्री परिवार युवा मंडल के जिला संयोजक किरेन्द्र सोनी, ललन साह, धर्मशीला देवी एवं सरस्वती देवी ने परीक्षक के रूप में योगदान दिया।
आरके पब्लिक स्कूल केंद्र पर 164 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में भाग लिया। केंद्राधीक्षक के.आर. झा थे। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रखंड प्रभारी बेचन राम, प्रखंड सह संयोजक देवमुनि विश्वकर्मा एवं युवा मंडल के प्रखंड संयोजक अशोक गुप्ता वीक्षक के रूप में मौजूद रहे।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के जिला ट्रस्टी अच्युतानंद तिवारी ने कहा कि शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन देश के विभिन्न राज्यों, जिलों एवं प्रखंडों में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे भारतीय संस्कृति से दूर होकर पाश्चात्य संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में इस तरह की परीक्षाओं के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व के 90 देशों में गायत्री परिवार के कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग गायत्री परिवार के संस्थापक गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के सिद्धांतों से प्रेरित होकर विश्व बंधुत्व एवं विश्व शांति की दिशा में कार्य कर रहे हैं।







