नई दिल्ली: बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की एक और भयावह घटना सामने आई है। ईशनिंदा के आरोप में हिंदू समुदाय के एक युवक की भीड़ द्वारा बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई, इसके बाद उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास (25) के रूप में हुई है। वह बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में एक कारखाने में काम करता था। बताया जा रहा है कि उस पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए उग्र भीड़ ने पहले उसे बुरी तरह पीटा और बाद में उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद शव को आग लगा दी गई, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
इस निर्मम घटना को लेकर भारत में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार से कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की भीड़ द्वारा की गई बर्बर हत्या का समाचार अत्यंत चिंताजनक है।
प्रियंका गांधी ने कहा, किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति या पहचान के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या मानवता के खिलाफ अपराध है। ऐसी घटनाएं पूरे समाज को शर्मसार करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार को बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए और इस मुद्दे को बांग्लादेश सरकार के समक्ष मजबूती से उठाना चाहिए, ताकि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दीपू चंद्र दास की हत्या ने एक बार फिर पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












