रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) हटिया की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते एक नवजात शिशु की जान बच गई। आरपीएफ रांची के कमांडेंट श्री पवन कुमार के निर्देश पर स्टेशन एवं ट्रेनों में लगातार सतर्क ड्यूटी की जा रही है। इसी क्रम में बुधवार (7 जनवरी 2025) को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया।
ट्रेन संख्या 18452 पुरी–हटिया तपस्विनी एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म संख्या 01 पर आगमन के दौरान आरपीएफ पोस्ट हटिया में तैनात स्टाफ बिरसा ओरांव ने नियमित जांच के दौरान कोच S4 के शौचालय में लगे डस्टबिन से रोने की आवाज सुनी। संदेह होने पर जब डस्टबिन की जांच की गई, तो उसमें एक जीवित नवजात शिशु मिला। यह दृश्य देख सभी स्तब्ध रह गए, लेकिन आरपीएफ कर्मियों ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट हटिया की एसआई साधना कुमारी एवं महिला आरक्षी रीना यादव मौके पर पहुंचीं और शिशु को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद जीआरपी हटिया एवं चाइल्डलाइन हटिया को सूचना दी गई। सभी के संयुक्त प्रयास से नवजात शिशु को तुरंत डीआरएच हटिया (रेलवे अस्पताल) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया।
शिशु की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स, रांची रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार समय पर मदद मिलने से शिशु की जान बच सकी।
इस घटना के बाद आरपीएफ एवं जीआरपी द्वारा नवजात को शौचालय में छोड़ने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान और तलाश शुरू कर दी गई है। स्टेशन परिसर एवं ट्रेन से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि दोषी तक जल्द पहुंचा जा सके।
आरपीएफ हटिया की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों एवं यात्रियों ने सराहना की है। यह घटना न केवल आरपीएफ की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है।
रांची: ट्रेन के शौचालय में मिला नवजात, आरपीएफ ने अस्पताल में कराया भर्ती













