तेहरान: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं। जैसे-जैसे आंदोलन लंबा खिंचता जा रहा है, वैसे-वैसे हिंसा, मौतों और गिरफ्तारियों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, देशव्यापी प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 538 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।
10 हजार से अधिक गिरफ्तार, देशभर में तनाव
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विभिन्न हिस्सों से अब तक 10700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के चलते पूरे देश में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रदर्शन अब राजधानी तेहरान सहित 100 से अधिक शहरों में फैल चुके हैं, जिससे सरकार की चिंता और सख्ती दोनों बढ़ गई हैं।

इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद
प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने कई इलाकों में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी हैं। संचार सेवाओं पर पाबंदी के कारण जमीनी हालात, हिंसा के स्तर और वास्तविक नुकसान का आकलन करना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से हताहतों और गिरफ्तारियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

सरकार ने नहीं जारी किए आधिकारिक आंकड़े
ईरानी सरकार ने अब तक प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है। इससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और स्वतंत्र एजेंसियों के आंकड़ों पर ही भरोसा किया जा रहा है, जो स्थिति को बेहद गंभीर बता रहे हैं।
राष्ट्रपति का आरोप: अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को राष्ट्र के नाम टेलीविजन संबोधन में प्रदर्शनों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि कुछ विदेशी तत्वों ने राइफल और मशीनगन का इस्तेमाल कर लोगों की हत्याएं कीं और सरकारी व निजी इमारतों को आग के हवाले किया। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला किया, तो वह अमेरिकी सैनिकों और इजराइल को निशाना बनाएगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा हालात ईरान की आंतरिक स्थिरता को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा हैं और सरकार देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।
सरकार सख्त, कार्रवाई के संकेत
ईरानी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी। सुरक्षा बलों को पूरी छूट दिए जाने के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार संगठनों ने हालात पर गंभीर चिंता जताई है।
कुल मिलाकर, ईरान में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके ये प्रदर्शन अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक संकट का रूप लेते जा रहे हैं, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।














