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चाईबासा: सारंडा जंगल में भीषण मुठभेड़, सुरक्षाबलो ने एक करोड़ के इनामी माओवादी नेता अनल दा समेत 15 नक्सलियों को किया ढेर

On: January 22, 2026 8:46 PM
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चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडी इलाके में गुरुवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में भाकपा (माओवादी) के कुख्यात नेता अनल दा उर्फ तूफान मारा गया है। अनल पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था। अनल पर झारखंड में 1 करोड़, ओडिशा में 1.20 करोड़ और एनआईए की ओर से 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था।


इस मुठभेड़ में कुल 15 नक्सली मारे गए हैं‌। कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल हर पहलू से स्थिति का आकलन कर रहे हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है

प्रारंभिक जांच में मारे गए 15 माओवादियों में से 11 की पहचान कर ली गई है। इनमें भाकपा (माओवादी) का सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल दा के अलावा अनमोल उर्फ सुशांत, अमित मुंडा, पिंटू लोहरा, लालजीत उर्फ लालू, राजेश मुंडा, बुलबुल अयदा, बबीता, पूर्णिमा, सुरजमुनी और जोंगा शामिल हैं।


घने जंगल में चला ऑपरेशन, पहले से मिली थी इनपुट
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को सारंडा के घने जंगलों में शीर्ष माओवादी नेताओं की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान कुमडी इलाके में नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से घंटों चली मुठभेड़ हुई।


मोस्ट वांटेड था अनल दा


अनल दा लंबे समय से राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उस पर हत्या, विस्फोट, हथियारों की लूट और सुरक्षाबलों पर हमलों समेत कई संगीन मामलों में केस दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड भी रहा है और पहले कई बार सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा था।


इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, गांवों में सघन तलाशी


मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। आसपास के गांवों में पैट्रोलिंग तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अनल के नेटवर्क से जुड़े अन्य माओवादी अभी भी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए ऑपरेशन को फिलहाल समाप्त नहीं किया गया है।


सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता


विशेषज्ञों का मानना है कि अनल दा के मारे जाने से माओवादी संगठन को कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। यह कार्रवाई न केवल संगठन की रणनीतिक क्षमता को कमजोर करेगी, बल्कि क्षेत्र में लंबे समय से जारी नक्सली गतिविधियों पर भी असर डालेगी।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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