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यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में एक लाख का इनामी बनारसी यादव ढेर

On: February 4, 2026 6:46 AM
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वाराणसी: अपराध के खिलाफ नो टॉलरेंस के तहत उत्तर प्रदेश के वाराणसी के चौबेपुर इलाके में एक लाख के इनामी अपराधी बनारसी यादव की यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में बनारसी यादव ढेर हो गया।

बताया जा रहा है कि सारनाथ के कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या में बनारसी यादव शूटर था। जिसे मंगलवार रात एसटीएफ ने चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर 166 दिन बाद मुठभेड़ में मार गिराया। मौके से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए।

गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के गौरहट निवासी बनारसी पर वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र समेत अन्य जनपदों में 24 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। 21 अगस्त को सिंहपुर में बाइक सवार 3 शूटरों ने बाइक सवार महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या की थी। कमिश्नरेट पुलिस और एसटीएफ को बनारसी यादव की तलाश थी। 4 जनवरी को अन्य शूटर गाजीपुर के अरविंद यादव उर्फ फौजी को सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। गाजीपुर के तीसरे शूटर विशाल की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।

एसटीएफ वाराणसी इकाई को सूचना मिली कि बनारसी यादव गाजीपुर-वाराणसी हाईवे से कहीं भागने के फिराक में है। संबंधित थाने की फोर्स और एसटीएफ ने घेराबंदी की। चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड के पास घेराबंदी देख बनारसी ने टीम पर फायरिंग कर दी। इस बीच जवाबी फायरिंग में बनारसी को गोली लगी और वह अचेत हो गया। एसटीएफ ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महेंद्र गौतम की हत्या की सुपारी पुराने परिचित गाजीपुर निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने 60 करोड़ की 29 बिस्वा जमीन के विवाद में बनारसी यादव को दी थी। बनारसी, अरविंद यादव उर्फ फौजी और विशाल तीन शूटरों को दो-दो लाख रुपये और पिस्टल मुहैया कराई गई थी। असलहा बिहार के मुंगेर निवासी मोहम्मद मुकीम ने उपलब्ध कराया था।

जेल में बंद हैं ये आरोपी

महेंद्र गौतम की हत्या में आरोपी अरविंद यादव उर्फ फौजी, गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के ढकवा निवासी जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू, सारनाथ निवासी संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन, श्याम राजभर उर्फ रेखा प्रधान और असलहा तस्कर मुंगेर के मुर्गिया चक निवासी मोहम्मद मुकीम सभी जेल में बंद हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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