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पाकुड़: वंदे भारत की चपेट में आने से पति-पत्नी और 3 साल की बेटी की मौत, गांव में मातम

On: February 25, 2026 12:45 PM
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पाकुड़: नगरनबी रेलवे स्टेशन के पास से एक हृदय विदारक घटना सामने आ रही है जहां वंदे भारत पीछे पेट में आकर एक ही परिवार के तीन लोगों की जीवन लीला समाप्त हो गई है।तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से पति-पत्नी और उनकी तीन साल की बेटी की मौके पर ही जान चली गई। मंगलवार देर शाम की घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

बताया जा रहा है कि शाम करीब 7 बजे डाउन लाइन से गुजर रही वंदे भारत एक्सप्रेस काफी तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान एक पुरुष, एक महिला और एक छोटी बच्ची अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गए।

ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक को ट्रेन रोकने का मौका नहीं मिला और तीनों उसकी चपेट में आ गए। पुलिस और रेलवे की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पाकुड़ रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी कार्यालय पहुंचाया और मामले की जांच शुरू की। पाकुड़ रेलवे के एएसआई शिबू सरदार ने बताया कि रात होने की वजह से मृतकों की पहचान तुरंत नहीं हो सकी थी।

पहचान के लिए आसपास के गांवों और पंचायत प्रतिनिधियों से संपर्क किया गया। मृतकों की पहचान बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की मदद से मृतकों की पहचान हुई। मृतकों की पहचान चंदन सरदार (करीब 32 वर्ष) और शिल्पा सरदार (करीब 30 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों पति-पत्नी थे और कालीतल्ला वार्ड नंबर 09 के रहने वाले थे।

हादसे के समय वे अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। जांच जारी, सावधानी की अपील फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतें और केवल निर्धारित रेलवे क्रॉसिंग का ही इस्तेमाल करें।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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