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बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, सीएम नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा और…!

On: March 4, 2026 6:40 PM
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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं. उन्हें जेडीयू कोटे से राज्यसभा भेजा जा सकता है, जिससे केंद्र में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी. इस खबर के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार का डिप्टी सीएम बनाकर सक्रिय राजनीति में उतारा जा सकता है. जेडीयू के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता पहले ही सार्वजनिक रूप से निशांत के राजनीति में आने का स्वागत कर चुके हैं.

सूत्रों के मुताबिक, वे कल नामांकन दाखिल कर सकते हैं. हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. फिलहाल सबकी नजर जेडीयू की आधिकारिक घोषणा और कल होने वाली संभावित नामांकन प्रक्रिया पर टिकी है.

अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव संभव है. उनके बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, वहीं बीजेपी को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है. इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा दिल्ली से पटना पहुंचे और उन्होंने नीतीश कुमार से लंबी बातचीत की. केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के भी पटना आने की सूचना है. बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव होना है. जेडीयू की दूसरी सीट के उम्मीदवार को लेकर अभी मंथन जारी है, जबकि बीजेपी अपनी दो सीटों के उम्मीदवार घोषित कर चुकी है.

अब तक किन नामों का हुआ ऐलान
बता दें कि राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने मंगलवार को बिहार से अपने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए. पार्टी ने नितिन नबीन और शिवेश कुमार राम को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. नितिन नवीन बिहार बीजेपी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. वे लंबे समय से संगठन और सरकार में सक्रिय रहे हैं. वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. साथ ही, बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.दूसरे उम्मीदवार शिवेश कुमार राम पार्टी के महामंत्री हैं और सासाराम से चुनाव भी लड़ चुके हैं. उन्हें जमीनी और सक्रिय नेता माना जाता है. पार्टी ने सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह मौका दिया है.

राज्यसभा का गणित

बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं. राज्यसभा चुनाव ‘सिंगल ट्रांसफरेबल वोट’ प्रणाली से होता है, यानी विधायक अपनी पसंद के अनुसार प्राथमिकता क्रम में वोट देते हैं. फिलहाल एनडीए के पास 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है. इसमें Bharatiya Janata Party, Janata Dal (United) और सहयोगी दल एलजेपी (आर), आरएलएम और हम के विधायक शामिल हैं. अगर 202 वोट को 5 उम्मीदवारों में बराबर बांटा जाए तो हर उम्मीदवार को करीब 40 वोट मिलेंगे, जबकि जीत के लिए 41 वोट जरूरी हैं. लेकिन इस चुनाव में वोट प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर होते हैं. सही रणनीति अपनाई जाए तो एनडीए अपने 4 उम्मीदवारों को आसानी से जिता सकता है. 4 उम्मीदवारों के लिए 164 वोट काफी हैं. इसके बाद भी करीब 38 वोट बचेंगे, जो पांचवीं सीट पर अहम भूमिका निभा सकते हैं.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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