पटना/लखनऊ: बिहार के एक चर्चित इस्लामी धर्मगुरु मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के सामने आने के बाद इस बयान को लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
बताया जा रहा है कि मौलाना ने अपने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश में गौकशी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानूनों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री पर तीखा तंज कसा। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री की बुजुर्ग मां का जिक्र करते हुए बेहद विवादित और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर अब व्यापक नाराजगी फैल गई है।
वायरल वीडियो में मौलाना कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में ऐसा कानून बना दिया गया है कि यदि किसी व्यक्ति के पास मुख्यमंत्री की मां का मांस भी मिल जाए तो पुलिस उसे मुठभेड़ में मार देती है या पैरों में गोली मार देती है। उन्होंने अपने भाषण में इस तरह की आपत्तिजनक बातें कई बार दोहराईं, जिसे लेकर लोग कड़ी आपत्ति जता रहे हैं।
मौलाना ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि प्रदेश में महज 250 ग्राम मांस मिलने पर भी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। इस दौरान उन्होंने धार्मिक मंच से व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा। उनके इस बयान को कई लोग भड़काऊ और समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बता रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई नेताओं ने कहा कि किसी भी धार्मिक मंच से इस तरह की व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की मां का राजनीति से कोई संबंध नहीं है, ऐसे में उनके खिलाफ इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है।
भाजपा और कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि मौलाना के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को भड़काने की कोशिश है।
पुलिस कर सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मामले की जांच की जा रही है और यदि वीडियो में दिए गए बयान की पुष्टि होती है तो भड़काऊ भाषण और समाज में वैमनस्य फैलाने से जुड़े प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।














